झारखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मुठभेड़ में मारा गया कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा
रांची। झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राज्य के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय सुजीत सिन्हा का नाम रंगदारी, धमकी और संगठित अपराध से जुड़े कई मामलों में सामने आता रहा था। उसकी गतिविधियों से राज्य का व्यापारी वर्ग और कारोबारी समुदाय काफी परेशान था। पुलिस के अनुसार, वह झारखंड में अपराध का एक बड़ा नेटवर्क संचालित कर रहा था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुजीत सिन्हा पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। वह लंबे समय से पुलिस की नजर में था और उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम संगठित अपराध से जुड़े एक सक्रिय अपराधी के रूप में दर्ज था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, धमकी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों की जांच चल रही थी।
बताया जा रहा है कि झारखंड के विभिन्न इलाकों में कारोबारियों और ठेकेदारों से रंगदारी मांगने के मामलों में सुजीत सिन्हा का नाम सामने आया था। पुलिस के अनुसार, उसने अपने गिरोह के जरिए व्यापारियों में डर का माहौल बनाने की कोशिश की। कई कारोबारी लंबे समय से उसके नेटवर्क से परेशान बताए जा रहे थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुजीत सिन्हा का संपर्क पहले उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर अमन सिंह से भी रहा था। दोनों के बीच आपराधिक गतिविधियों को लेकर संबंध होने की बात सामने आई थी। हालांकि, बाद के वर्षों में सुजीत सिन्हा का नाम विदेश में बैठे अपराधियों के नेटवर्क से भी जोड़ा जाने लगा।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हाल के समय में उसका संबंध पाकिस्तान में छिपे गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क से जुड़ता रहा। जांच एजेंसियों का दावा रहा है कि प्रिंस खान और उसके सहयोगियों के साथ मिलकर झारखंड में रंगदारी वसूली और अपराध का नेटवर्क फैलाने की कोशिश की जा रही थी।
पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुजीत सिन्हा पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी अभियान के दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें सुजीत सिन्हा मारा गया। हालांकि, मुठभेड़ से जुड़े विस्तृत विवरण पुलिस की ओर से जांच पूरी होने के बाद साझा किए जाएंगे।
सुजीत सिन्हा के मारे जाने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उसके आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके गिरोह में कितने लोग सक्रिय थे और किन-किन क्षेत्रों में उसका नेटवर्क फैला हुआ था।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य में संगठित अपराध और रंगदारी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और किसी भी कीमत पर राज्य में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
व्यापारी संगठनों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण बताया है। कारोबारियों का कहना है कि रंगदारी और धमकी जैसी घटनाओं के कारण कई लोग भय के माहौल में काम करने को मजबूर थे। ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई होने से व्यापारिक गतिविधियों को सुरक्षित माहौल मिलने की उम्मीद है।
झारखंड में पिछले कुछ वर्षों में संगठित अपराध और गैंग गतिविधियों को लेकर पुलिस ने कई अभियान चलाए हैं। कई बड़े अपराधियों और उनके सहयोगियों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस का लक्ष्य अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करना और आम लोगों, विशेषकर कारोबारियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना है।
जांच एजेंसियां अब यह भी खंगाल रही हैं कि सुजीत सिन्हा के गिरोह को किन लोगों से आर्थिक या अन्य प्रकार की सहायता मिलती थी। इसके अलावा उसके पुराने संपर्कों और आपराधिक मामलों की भी समीक्षा की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। संगठित अपराध से जुड़े लोगों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सुजीत सिन्हा के मारे जाने के बाद झारखंड में सक्रिय अपराधी गिरोहों पर पुलिस की कार्रवाई और तेज होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस उसके नेटवर्क और सहयोगियों की जांच में जुटी हुई है, ताकि राज्य में अपराध की गतिविधियों को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके।