प्रशांत किशोर की पार्टी का मैनेजर चलती ट्रेन से गायब, खाना लेने गया था फिर नहीं लौटा
रांची। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर 31 वर्षीय देवपालिक गुप्ता सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को रांची से पटना की यात्रा के दौरान चलती ट्रेन से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। देवपालिक अपने दोस्तों और सहकर्मियों के साथ जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। ट्रेन के रांची रेलवे स्टेशन से रवाना होने के करीब दस मिनट बाद वह खाने के लिए पैंट्री कार की ओर गए थे, लेकिन वापस अपनी सीट पर नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद सहकर्मियों ने रेलवे पुलिस को घटना की सूचना दी। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम उनकी तलाश में जुट गई है।
दोपहर 2:25 बजे रांची से रवाना हुई थी ट्रेन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवपालिक गुप्ता सोमवार को अपने दोस्त और सहकर्मी गौतम कुमार के साथ रांची रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। दोनों को जनशताब्दी एक्सप्रेस से पटना जाना था।
गौतम कुमार ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि उनकी ट्रेन दोपहर करीब 2 बजकर 25 मिनट पर रांची रेलवे स्टेशन से रवाना हुई थी।
यात्रा शुरू होने के करीब दस मिनट बाद देवपालिक ने अपने साथियों से कहा कि वह खाने के लिए कुछ लेने पैंट्री कार जा रहे हैं।
इसके बाद वह अपनी सीट से उठकर चले गए। शुरुआत में उनके साथियों ने सोचा कि वह कुछ देर बाद वापस आ जाएंगे, लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद देवपालिक नहीं लौटे।
इससे उनके साथियों को चिंता होने लगी और उन्होंने ट्रेन के भीतर उनकी तलाश शुरू कर दी।
पैंट्री कार से लेकर हर कोच में की तलाश
देवपालिक के वापस नहीं आने पर गौतम कुमार और अन्य सहकर्मी अपनी सीट से उठकर पैंट्री कार की ओर पहुंचे।
गौतम के अनुसार, उन्होंने सबसे पहले अपने कोच के पास मौजूद पैंट्री कार में देवपालिक को खोजा, लेकिन वह वहां नहीं मिले।
इसके बाद साथियों ने ट्रेन के दूसरे डिब्बों में भी उनकी तलाश की। वे एक-एक कोच में गए और देवपालिक को खोजने का प्रयास किया।
हालांकि पूरी ट्रेन में खोजबीन करने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। इससे साथियों की चिंता और बढ़ गई।
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि देवपालिक ट्रेन रवाना होने के कुछ ही मिनट बाद लापता हो गए। वह आखिर ट्रेन के किस हिस्से तक पहुंचे और उसके बाद उनके साथ क्या हुआ, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है।
मुरी जंक्शन पहुंचते ही पुलिस को दी सूचना
जनशताब्दी एक्सप्रेस के मुरी जंक्शन पहुंचने पर देवपालिक के साथियों ने राजकीय रेलवे पुलिस यानी जीआरपी से संपर्क किया।
उन्होंने पुलिस को बताया कि देवपालिक रांची से ट्रेन में सवार हुए थे और खाने का सामान लेने के लिए अपनी सीट से उठे थे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस ने जांच शुरू की। आरपीएफ की टीम को भी घटना की जानकारी दी गई।
रेलवे सुरक्षा अधिकारियों ने देवपालिक की तलाश के लिए स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह ट्रेन से कहीं उतरे थे या यात्रा के दौरान किसी अन्य परिस्थिति में लापता हुए।
CCTV फुटेज में नहीं दिखे देवपालिक
मुरी जंक्शन के आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है।
उनके अनुसार, शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि देवपालिक गुप्ता मुरी जंक्शन पर ट्रेन से नहीं उतरे थे।
मुरी जंक्शन रांची से रवाना होने के बाद ट्रेन का पहला निर्धारित ठहराव था। ऐसे में वहां उनके उतरने की पुष्टि नहीं होना जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आरपीएफ अधिकारी ने बताया कि देवपालिक का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। इससे उनके संपर्क में आने में परेशानी हो रही है।
फिलहाल पुलिस उनके लापता होने की परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले हैं देवपालिक
लापता देवपालिक गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के निवासी हैं। उनकी उम्र 31 वर्ष बताई गई है।
वह दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान यानी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) के पूर्व छात्र हैं।
पत्रकारिता और संचार क्षेत्र की पढ़ाई करने के बाद देवपालिक राजनीतिक संचार से जुड़े पेशेवर कार्यों में सक्रिय थे।
वर्तमान में वह प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के साथ डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर के रूप में जुड़े हुए थे।
डिजिटल कम्युनिकेशन से संबंधित कार्यों में ऑनलाइन संचार, डिजिटल प्लेटफॉर्मों के लिए सामग्री तैयार करना और संगठन के संदेशों को जनता तक पहुंचाने जैसी जिम्मेदारियां शामिल होती हैं।
हालांकि देवपालिक की यात्रा के उद्देश्य और पटना में उनके निर्धारित कार्यक्रम को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
जन सुराज पार्टी से जुड़े होने के कारण चर्चा में मामला
देवपालिक का संबंध प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से होने के कारण मामला चर्चा में आ गया है।
प्रशांत किशोर ने बिहार में राजनीतिक विकल्प तैयार करने के उद्देश्य से जन सुराज अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद दो अक्टूबर 2024 को जन सुराज पार्टी का औपचारिक गठन किया गया था।
पार्टी राजनीतिक गतिविधियों के साथ डिजिटल माध्यमों के जरिए भी जनता तक अपनी बात पहुंचाती रही है।
ऐसे संगठन में डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर की भूमिका निभाने वाले देवपालिक का ट्रेन यात्रा के दौरान अचानक लापता होना चिंता का विषय बन गया है।
हालांकि अभी तक उनके लापता होने और उनकी राजनीतिक या पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम कर रही तलाश
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, देवपालिक की तलाश के लिए आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम काम कर रही है।
जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि रांची से रवाना होने के बाद देवपालिक के साथ क्या हुआ और वह किस स्थान पर आखिरी बार देखे गए थे।
मुरी जंक्शन के सीसीटीवी फुटेज से शुरुआती जानकारी मिली है, लेकिन उनके लापता होने की वजह अब भी स्पष्ट नहीं है।
मोबाइल फोन बंद होने के कारण संपर्क स्थापित करने में भी मुश्किल आ रही है।
फिलहाल पुलिस ने किसी दुर्घटना, अपहरण या अन्य आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं की है। ऐसी स्थिति में किसी एक आशंका को घटना का कारण मानना जल्दबाजी होगी।
दस मिनट बाद कहां गायब हो गए देवपालिक?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर देवपालिक गुप्ता ट्रेन रवाना होने के महज दस मिनट बाद कहां गायब हो गए।
वह अपने साथियों को खाने का सामान लेने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद न तो वह अपनी सीट पर लौटे और न ही ट्रेन की तलाशी के दौरान मिले।
मुरी जंक्शन पर उनके नहीं उतरने की शुरुआती पुष्टि और मोबाइल फोन बंद मिलने से रहस्य और गहरा गया है।
अब पुलिस के सामने देवपालिक की सुरक्षित तलाश करने और उनके अचानक लापता होने की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने की चुनौती है।
27 अक्टूबर की शुरुआती उपलब्ध रिपोर्टों तक देवपालिक के मिलने की पुष्टि नहीं हुई थी। उनकी तलाश जारी है और आगे की स्थिति पुलिस की जांच से स्पष्ट होगी।