अवैध शराब के ठिकानों पर पुलिस की दबिश, जावा महुआ और महुआ शराब नष्ट
दुर्गा पूजा से पहले पलामू में छापेमारी
पलामू: दुर्गा पूजा के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से पलामू पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी की। कार्रवाई में करीब 1100 किलो जावा महुआ और पांच लीटर महुआ शराब नष्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के निर्देश पर गुरुवार को अलग-अलग गांवों में अभियान चलाया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान अवैध शराब के ठिकानों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पहुंचीं टीमें
किसुनपुर पिकेट क्षेत्र के अंगरा, अरेदाना और जागोडीह गांवों में पुलिस ने दबिश दी। नावा जयपुर थाना क्षेत्र के हुरदगा में लगभग 250 किलो और उंटारी रोड थाना क्षेत्र के लकड़ही गांव में करीब 150 किलो जावा महुआ नष्ट किया गया। तरहसी थाना क्षेत्र के कसमार गांव और यादव टोला में भी कार्रवाई हुई। कसमार में पांच लीटर महुआ शराब नष्ट किए जाने की जानकारी दी गई है। पांकी के कोनवाई तथा पीपरा थाना क्षेत्र के गजना, रोंगा और बुड रोंगा गांवों में भी छापेमारी की गई।
सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय
पुलिस ने नागरिकों से अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री की सूचना स्थानीय थाने को देने की अपील की है। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया है। अभियान का उद्देश्य अवैध कारोबार रोकने के साथ पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना है।
पहले भी हुई थी शराब के खिलाफ कार्रवाई
जिले में दुर्गा पूजा को लेकर अवैध शराब के खिलाफ पहले से अभियान चल रहा है। इससे पहले रेहला थाना क्षेत्र में भी छापेमारी की गई थी। थाना प्रभारी गुलशन बिरुआ के नेतृत्व में डिहरिया के समीप और झगरुआ में हुई उस अलग कार्रवाई में लगभग 80 किलो जावा महुआ तथा 20 लीटर देशी शराब नष्ट की गई थी। शराब बनाने की भट्ठी भी नष्ट की गई। रेहला पुलिस ने उस समय बताया था कि पर्व को देखते हुए छापेमारी तेज की गई है और अभियान आगे भी जारी रहेगा। यह कार्रवाई वर्तमान में सामने आए 1100 किलो जावा महुआ वाले अभियान से अलग है। दोनों घटनाएं जिले में अवैध शराब के निर्माण पर रोक लगाने के लिए चल रहे प्रयासों का हिस्सा हैं।
पूजा पंडालों की सुरक्षा पर भी प्रशासन का जोर
दुर्गा पूजा को लेकर जिला प्रशासन ने आयोजन समितियों के लिए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। इनमें पंडाल निर्माण के दौरान ज्वलनशील सामग्री से बचने, आसपास साफ-सफाई रखने और पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने की बात कही गई है। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रवेश और निकास की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश-निकास, बैरिकेडिंग तथा पर्याप्त स्वयंसेवक रखने के निर्देश दिए गए हैं। पंडालों में निगरानी के लिए सीसीटीवी और बिजली आपूर्ति के वैकल्पिक इंतजाम पर भी जोर दिया गया है। ये व्यवस्थाएं पूजा स्थलों पर भीड़ को व्यवस्थित रखने और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी से जुड़ी हैं।
बिजली कनेक्शन के लिए मीटर अनिवार्य
पूजा पंडालों में बिजली की व्यवस्था को लेकर भी निर्देश जारी हुए हैं। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने अस्थायी कनेक्शन के लिए स्वीकृत विद्युत भार के अनुसार शुल्क निर्धारित किया है। बिना मीटर लगाए अस्थायी कनेक्शन नहीं देने की बात स्पष्ट की गई है।
अधिकारियों को प्रतिदिन मीटर रीडिंग लेने और वास्तविक खपत के आधार पर शुल्क की गणना करने को कहा गया है। जमा अग्रिम सुरक्षा राशि का समायोजन अंतिम मीटर रीडिंग के अनुसार होगा। पूजा समितियों को अपनी बिजली जरूरत के अनुरूप नियमानुसार कनेक्शन लेना होगा। अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी और पूजा स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था, दोनों के बीच नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना और आयोजन स्थल पर निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करना पर्व को व्यवस्थित रखने में मदद कर सकता है। पुलिस ने भी सूचना देने के लिए स्थानीय थानों से संपर्क करने की अपील की है।