रांची। झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत चना दाल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए खाद्य और उपभोक्ता मामलों के निदेशालय ने ऑनलाइन निविदा आमंत्रित की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चना दाल की आपूर्ति करने वाली एजेंसियों और आपूर्तिकर्ताओं का चयन दर अनुबंध यानी रेट कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक की अवधि के लिए आपूर्तिकर्ता चुने जाएंगे। निविदा में भाग लेने वाली कंपनियों और एजेंसियों को निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। इसके साथ ही बोलीदाताओं के लिए 12.82 करोड़ रुपये की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) जमा करना अनिवार्य किया गया है। पूरी प्रक्रिया झारखंड ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित की जाएगी।
खाद्य और उपभोक्ता मामलों के निदेशालय की ओर से जारी निविदा के अनुसार, चना दाल की आपूर्ति सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत की जाएगी। इस व्यवस्था में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (जेएसएफएसएस) के लाभार्थियों को शामिल किया गया है। इन दोनों योजनाओं के अंतर्गत पात्र परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था संचालित होती है। अब चना दाल की आपूर्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से आपूर्तिकर्ताओं का चयन किया जाएगा।
निविदा में स्पष्ट किया गया है कि आपूर्तिकर्ताओं का चयन वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए किया जाएगा। यह अवधि अप्रैल 2026 से शुरू होकर मार्च 2027 तक निर्धारित है। इसके लिए रेट कॉन्ट्रैक्ट की व्यवस्था अपनाई जाएगी। रेट कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से निर्धारित अवधि के लिए आपूर्ति की दरें और संबंधित शर्तें तय की जाती हैं। इससे संबंधित विभाग को निर्धारित नियमों के अनुसार सामग्री की खरीद और आपूर्ति की प्रक्रिया संचालित करने में सुविधा मिलती है।
चना दाल की आपूर्ति के लिए इस बार चयन प्रक्रिया में ई-टेंडर और ई-रिवर्स ऑक्शन दोनों का प्रावधान रखा गया है। सबसे पहले इच्छुक आपूर्तिकर्ताओं को ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया में भाग लेना होगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ई-रिवर्स ऑक्शन आयोजित किया जाएगा। इस व्यवस्था के माध्यम से प्रतिस्पर्धी दरों पर आपूर्तिकर्ताओं का चयन करने का प्रयास किया जाएगा।
ई-रिवर्स ऑक्शन सामान्य नीलामी से अलग प्रक्रिया होती है। सामान्य नीलामी में बोली लगाने वाले खरीदार कीमत बढ़ाते हैं, जबकि ई-रिवर्स ऑक्शन में आपूर्तिकर्ता प्रतिस्पर्धा के आधार पर अपनी दरें कम कर सकते हैं। सरकारी खरीद में इस प्रक्रिया का उपयोग प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और बेहतर दरें प्राप्त करने के उद्देश्य से किया जाता है। हालांकि, अंतिम चयन निविदा की निर्धारित शर्तों और पात्रता मानदंडों के अनुसार ही किया जाएगा।
निविदा में भाग लेने वाली एजेंसियों के लिए अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट की राशि 12.82 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। यह राशि बोलीदाताओं को निविदा प्रक्रिया में शामिल होने के लिए जमा करनी होगी। ईएमडी को निविदा सुरक्षा राशि के रूप में भी जाना जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि बोली लगाने वाली एजेंसियां निर्धारित शर्तों के प्रति गंभीर हैं और प्रक्रिया में जिम्मेदारी के साथ भाग ले रही हैं।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि ईएमडी की राशि झारखंड ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकार की जाएगी। इसका अर्थ है कि निविदा में शामिल होने वाले बोलीदाताओं को निर्धारित डिजिटल प्रक्रिया का पालन करना होगा। ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था से निविदा से संबंधित वित्तीय प्रक्रिया का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है। इससे भुगतान की निगरानी और दस्तावेजों के सत्यापन में सुविधा मिल सकती है।
इस निविदा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि चना दाल की आपूर्ति राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत की जाएगी। इन योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों तक खाद्य सामग्री पहुंचाई जाती है। चना दाल पोषण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ है। इसमें प्रोटीन सहित कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। ऐसे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से इसकी आपूर्ति का सामाजिक महत्व भी है।
झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत बड़ी संख्या में पात्र परिवार खाद्यान्न प्राप्त करते हैं। खाद्य सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक निर्धारित व्यवस्था के अनुसार खाद्य सामग्री पहुंचाना है। चना दाल की आपूर्ति के लिए नई निविदा आमंत्रित किए जाने से संबंधित वित्तीय वर्ष के लिए खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता तैयार होगा।
हालांकि, उपलब्ध निविदा विवरण में चना दाल की कुल प्रस्तावित मात्रा का उल्लेख नहीं किया गया है। इसी प्रकार प्रति लाभार्थी कितनी दाल वितरित की जाएगी, इसकी भी जानकारी सामने नहीं आई है। दाल के वितरण की वास्तविक मात्रा, समय और अन्य व्यवस्थाएं संबंधित विभाग के निर्धारित नियमों तथा आपूर्ति योजना के अनुसार तय होंगी।
आपूर्तिकर्ताओं के चयन में पारदर्शिता बनाए रखना इस पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। ई-टेंडर व्यवस्था के माध्यम से इच्छुक एजेंसियां डिजिटल माध्यम से अपनी बोलियां प्रस्तुत कर सकेंगी। इसके बाद ई-रिवर्स ऑक्शन के जरिए प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सरकारी खरीद में इस प्रकार की व्यवस्था का उद्देश्य निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री की खरीद सुनिश्चित करना होता है।
निविदा में 12.82 करोड़ रुपये की ईएमडी निर्धारित किए जाने से यह भी स्पष्ट है कि बोलीदाताओं को वित्तीय शर्तों का पालन करना होगा। हालांकि, ईएमडी की राशि को चना दाल की कुल खरीद लागत नहीं माना जा सकता। यह निविदा में भागीदारी के लिए निर्धारित सुरक्षा राशि है। कुल खरीद मूल्य का निर्धारण आपूर्ति की मात्रा, स्वीकृत दरों और अनुबंध की शर्तों के आधार पर होगा।
खाद्य और उपभोक्ता मामलों के निदेशालय की इस पहल के बाद अब आपूर्तिकर्ताओं के चयन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। निविदा में भाग लेने वाली एजेंसियों को निर्धारित दस्तावेज, पात्रता संबंधी शर्तें और वित्तीय आवश्यकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद ई-रिवर्स ऑक्शन के माध्यम से आगे की प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
फिलहाल वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए झारखंड में पीडीएस के माध्यम से चना दाल की आपूर्ति हेतु ऑनलाइन निविदा आमंत्रित की गई है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों के लिए प्रस्तावित इस आपूर्ति व्यवस्था में ई-टेंडर तथा ई-रिवर्स ऑक्शन के जरिए एजेंसियों का चयन किया जाएगा। 12.82 करोड़ रुपये की अनिवार्य ईएमडी और ऑनलाइन भुगतान की शर्त इस निविदा की प्रमुख विशेषताएं हैं। अब निविदा प्रक्रिया पूरी होने और आपूर्तिकर्ताओं के चयन के बाद चना दाल की आपूर्ति से संबंधित आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।