रांची। झारखंड विधानसभा के गुरुवार से शुरू होने वाले मानसून सत्र को देखते हुए राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। विधानसभा परिसर के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह आदेश विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में प्रभावी रहेगा।
अधिकारियों के अनुसार, निषेधाज्ञा छह अगस्त की सुबह आठ बजे से लागू हो गई है और 12 अगस्त की रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि के दौरान विधानसभा के आसपास किसी भी तरह के प्रदर्शन, जुलूस, मार्च और भीड़ एकत्र करने पर रोक रहेगी। प्रशासन ने यह कदम विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है।
पांच या उससे अधिक लोगों के जुटने पर रोक
जारी आदेश के तहत विधानसभा परिसर के निर्धारित क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा बिना अनुमति के किसी भी प्रकार का जुलूस निकालना, प्रदर्शन करना या मार्च करना भी प्रतिबंधित किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि विधानसभा सत्र के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और अन्य समूहों की ओर से विरोध प्रदर्शन या धरना दिए जाने की संभावना रहती है। ऐसे में किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पहले से ही सुरक्षा उपाय किए गए हैं।
विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा प्राथमिकता
मानसून सत्र के दौरान बड़ी संख्या में विधायक, मंत्री, अधिकारी और अन्य महत्वपूर्ण लोग विधानसभा परिसर में मौजूद रहेंगे। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा परिसर एक संवेदनशील क्षेत्र है, जहां किसी भी तरह की अव्यवस्था से कामकाज प्रभावित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए निषेधाज्ञा लागू करने का निर्णय लिया गया है।
प्रदर्शन और विरोध की आशंका
विधानसभा सत्र के दौरान विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जाने की संभावना रहती है। कई मुद्दों को लेकर राजनीतिक दल सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज उठाने की तैयारी करते हैं।
प्रशासन ने इसी संभावना को देखते हुए विधानसभा के आसपास के क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने का फैसला किया है। निषेधाज्ञा लागू होने के बाद बिना अनुमति किसी भी तरह की भीड़ या प्रदर्शन पर कार्रवाई की जा सकती है।
आम लोगों के लिए भी लागू होंगे नियम
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि निर्धारित क्षेत्र में रहने वाले सभी लोगों पर लागू होगी। हालांकि, आवश्यक सेवाओं और सामान्य आवाजाही को इससे अलग रखा जाएगा।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और प्रतिबंधित गतिविधियों से बचें। किसी भी तरह की परेशानी होने पर प्रशासन से संपर्क करने को कहा गया है।
विधानसभा के आसपास बढ़ाई जाएगी निगरानी
निषेधाज्ञा लागू होने के साथ ही विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाएगी। सुरक्षा कर्मियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विधानसभा की ओर जाने वाले मार्गों पर भी सुरक्षा जांच बढ़ाई जा सकती है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सत्र की कार्यवाही बिना किसी व्यवधान के सुचारु रूप से चल सके।
बीएनएस की धारा 163 के तहत कार्रवाई
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रशासन को ऐसी परिस्थितियों में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने का अधिकार होता है, जहां शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाना आवश्यक हो।
इसी प्रावधान के तहत रांची जिला प्रशासन ने विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू की है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम किसी व्यक्ति या संगठन को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
मानसून सत्र पर सभी की नजर
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सत्र के दौरान सरकार कई मुद्दों पर चर्चा करेगी, जबकि विपक्ष भी जनहित से जुड़े विषयों को उठाने की तैयारी में है।
ऐसे में विधानसभा परिसर के बाहर होने वाली गतिविधियों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए गए इंतजामों का उद्देश्य सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण तरीके से संचालित कराना है।
कुल मिलाकर, झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र से पहले रांची प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। विधानसभा परिसर के 750 मीटर दायरे में 12 अगस्त तक लागू निषेधाज्ञा के तहत भीड़ जुटाने, प्रदर्शन और जुलूस जैसी गतिविधियों पर रोक रहेगी। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था विधानसभा सत्र के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है।