रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। इसके बाद राजधानी रांची में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
छात्रों का आरोप है कि राज्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी रही है और कई मामलों में गड़बड़ी सामने आई है। प्रदर्शनकारी छात्र भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर सरकार को गंभीरता से फैसला लेना होगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। छात्रों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए राज्यव्यापी आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास घेराव के साथ-साथ अन्य विरोध कार्यक्रमों की भी घोषणा की है।
छात्रों के संभावित प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। रांची प्रशासन ने इलाके में बैरिकेडिंग कर दी है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस और प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट है। इससे पहले भी JPSC-JSSC मुद्दे को लेकर रांची में छात्रों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन चुकी है। प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ने और झड़प के मामले में कई लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद आंदोलन और तेज हो गया।
छात्र नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं बल्कि राज्य के लाखों युवाओं के अधिकारों के लिए है। उनका दावा है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं होने से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है। छात्र चाहते हैं कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे भविष्य की सभी परीक्षाएं निष्पक्ष तरीके से आयोजित हो सकें। वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से भी छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही गई है। सरकार ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों की चिंताओं को सुना जाएगा और उचित कदम उठाए जाएंगे।
लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र अभी भी अपनी मांगों पर कायम हैं। उनका कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को लिखित और ठोस कार्रवाई करनी होगी। आंदोलनकारी अब मुख्यमंत्री आवास घेराव के जरिए अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की तैयारी में हैं। राजनीतिक गलियारों में भी इस आंदोलन को लेकर हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है, जबकि सरकार इसे संवाद के जरिए सुलझाने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में JPSC-JSSC विवाद झारखंड की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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