बेंगलुरु। कर्नाटक में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के विभिन्न जिलों में अगले पांच दिनों तक बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। विशेष रूप से दक्षिण कन्नड़, उडुपी, कोडागु, मैसूर और चामराजनगर जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं, धारवाड़, गदग और हावेरी जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को बिजली कड़कने और आंधी के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

अगले पांच दिनों तक बदला रहेगा मौसम

मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, कर्नाटक के कई हिस्सों में 22 से 26 अक्टूबर के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने की संभावना है।

विभाग की 21 अक्टूबर को जारी चेतावनी के अनुसार, तटीय कर्नाटक में 22 से 25 अक्टूबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।

वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में इस अवधि के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।

हालांकि, 26 अक्टूबर को बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है।

दक्षिण कन्नड़ और उडुपी में भारी बारिश की संभावना

तटीय कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रह सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार 23 अक्टूबर को दोनों जिलों के कई स्थानों पर मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश भी हो सकती है।

दक्षिण कन्नड़ और उडुपी तटीय क्षेत्र होने के कारण यहां बारिश के दौरान तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा भी रहता है।

लगातार बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

उत्तर कन्नड़ में हल्की बारिश के आसार

उत्तर कन्नड़ जिले में भी मौसम बदलने का अनुमान है।

यहां विभिन्न स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

हालांकि, दक्षिण कन्नड़ और उडुपी की तुलना में कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता कम रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, तटीय कर्नाटक में अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही और बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

स्थानीय प्रशासन को मौसम की परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

धारवाड़, गदग और हावेरी में तेज हवाओं की चेतावनी

उत्तर आंतरिक कर्नाटक के धारवाड़, गदग और हावेरी जिलों में भी मौसम का असर दिखाई दे सकता है।

इन जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

तेज हवाओं के कारण कमजोर पेड़ों की शाखाएं टूटने और खुले स्थानों पर रखी हल्की वस्तुओं के उड़ने का खतरा रहता है।

किसानों को भी मौसम की स्थिति के अनुसार खेतों में काम करने और कटी हुई फसलों को सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है।

इन जिलों में मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर कर्नाटक के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रह सकती हैं।

बागलकोट, बेलगावी, बीदर, कलबुर्गी, कोप्पल, रायचूर, विजयपुरा और यादगीर जिलों के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

हालांकि, मौसम की बदलती परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बादलों की आवाजाही से इनकार नहीं किया जा सकता।

उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 22 से 25 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक की चेतावनी भी जारी की गई है।

कोडागु, मैसूर और चामराजनगर में भारी बारिश की आशंका

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कोडागु, मैसूर और चामराजनगर जिलों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।

इन जिलों के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान आने की संभावना जताई गई है।

कोडागु जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान ढलानों पर मिट्टी खिसकने और सड़क मार्ग प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।

वहीं, मैसूर और चामराजनगर के ग्रामीण इलाकों में खेतों तथा निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने की संभावना रहती है।

मौसम विभाग ने विशेष रूप से बिजली गिरने और गरज-चमक की परिस्थितियों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।

बेंगलुरु में भी बारिश के आसार

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है।

पूर्वोत्तर मानसून की गतिविधियों के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 अक्टूबर तक व्यापक बारिश की संभावना जताई है।

बेंगलुरु में बारिश तेज होने की स्थिति में प्रमुख सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है।

ऐसे में वाहन चालकों को बारिश के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

पूर्वोत्तर मानसून से बढ़ी बारिश की गतिविधियां

कर्नाटक में मौसम के इस बदलाव के पीछे पूर्वोत्तर मानसून की गतिविधियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अक्टूबर के दौरान दक्षिण भारत के कई राज्यों में पूर्वोत्तर मानसून का प्रभाव बढ़ने लगता है।

इसके कारण कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलती हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रह सकता है।

किसानों के लिए मौसम की चेतावनी महत्वपूर्ण

बारिश और तेज हवाओं का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।

जिन इलाकों में फसल कटाई का काम चल रहा है, वहां किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने की आवश्यकता है।

तेज बारिश होने पर कटी हुई फसल और खेतों में रखी कृषि सामग्री को नुकसान पहुंच सकता है।

इसके अलावा बिजली गिरने की संभावना होने पर खुले खेतों में काम करना जोखिम भरा हो सकता है।

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहें और स्थानीय कृषि विभाग की सलाह का पालन करें।

आंधी और बिजली गिरने से बचाव की अपील

मौसम विभाग ने लोगों से गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

बारिश के समय पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदानों में रहने और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना चाहिए।

तेज हवाओं के दौरान कमजोर निर्माण संरचनाओं और असुरक्षित स्थानों से दूरी बनाए रखना आवश्यक है।

इसके अलावा वाहन चालकों को भारी बारिश के समय दृश्यता कम होने और फिसलन भरी सड़कों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

25 अक्टूबर के बाद कम हो सकती है बारिश

मौसम विभाग के वर्तमान पूर्वानुमान के अनुसार, 25 अक्टूबर तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

इसके बाद 26 अक्टूबर से बारिश की तीव्रता में कमी आने के संकेत हैं।

हालांकि, मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है और अलग-अलग जिलों में बारिश की मात्रा तथा समय में अंतर हो सकता है।

फिलहाल दक्षिण कन्नड़, उडुपी, कोडागु, मैसूर और चामराजनगर सहित कई जिलों में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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