हेट स्पीच मामले में BJP MLC C.T. रवि को नोटिस देने पहुंची पुलिस, लेने से किया इनकार

Update: 2026-07-27 07:27 GMT

कर्नाटक : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधान परिषद सदस्य (MLC) C.T. रवि से जुड़े हेट स्पीच मामले को लेकर रविवार को राजनीतिक हलचल तेज हो गई। चिक्कमगलुरु सिटी पुलिस की एक टीम जब रवि के आवास पर उन्हें पूछताछ के लिए जारी नोटिस देने पहुंची, तो उन्होंने नोटिस लेने से इनकार कर दिया। इस दौरान कुछ समय के लिए उनके घर के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

पुलिस के अनुसार, C.T. रवि के खिलाफ एक समुदाय के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और नफरत फैलाने वाला भाषण देने के आरोप में चिक्कमगलुरु सिटी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। इसी मामले में पुलिस ने उन्हें पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया था।

रविवार को सिटी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर अभय प्रकाश के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम C.T. रवि के घर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें नोटिस सौंपने का प्रयास किया, लेकिन रवि ने इसे स्वीकार करने से मना कर दिया। इसके बाद मौके पर मौजूद उनके समर्थकों और पुलिस के बीच कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच के तहत कानूनी प्रक्रिया के अनुसार नोटिस देने का प्रयास किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सहयोग के लिए आरोपी पक्ष को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सूचना दी जाती है।

वहीं, C.T. रवि के समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और सत्ताधारी दल के इशारे पर कार्रवाई की जा रही है। समर्थकों ने कहा कि रवि के खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।

BJP नेता C.T. रवि कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं और पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। उनके खिलाफ दर्ज मामले ने राज्य में राजनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया है। BJP नेताओं ने जहां पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और जांच प्रक्रिया के अनुसार ही कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कथित बयान से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हेट स्पीच से जुड़े मामलों में पुलिस को यह जांच करनी होती है कि दिए गए बयान का उद्देश्य क्या था, उसके शब्दों का प्रभाव क्या पड़ा और क्या वह कानून के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में जांच के दौरान बयान के रिकॉर्ड, वीडियो या अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी समीक्षा की जाती है।

राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं के खिलाफ इस तरह के मामले अक्सर विवाद का कारण बनते हैं। एक तरफ जहां विपक्ष और शिकायतकर्ता ऐसे बयानों पर कार्रवाई की मांग करते हैं, वहीं आरोपी पक्ष कई बार इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताता है।

C.T. रवि के मामले में भी यही स्थिति देखने को मिली है। पुलिस की ओर से नोटिस देने की कोशिश और रवि द्वारा उसे लेने से इनकार करने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया कानून के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी। यदि संबंधित व्यक्ति जांच में सहयोग नहीं करता है, तो कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल चिक्कमगलुरु पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है। वहीं, C.T. रवि और उनके समर्थकों की ओर से पुलिस कार्रवाई का विरोध जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

इस घटनाक्रम ने कर्नाटक में हेट स्पीच, राजनीतिक बयानबाजी और कानून-व्यवस्था को लेकर एक नई बहस शुरू कर दी है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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