बेंगलुरु में लावारिस वाहनों पर कार्रवाई, 5,133 की पहचान; 54 हटाए गए

Update: 2026-07-25 08:58 GMT

बेंगलुरु : ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने शहर की सार्वजनिक सड़कों पर लंबे समय से लावारिस हालत में खड़ी गाड़ियों को हटाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक शहर भर में 5,133 ऐसे वाहनों की पहचान की गई है, जो वर्षों से सड़कों पर खड़े हैं और यातायात के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं में भी बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। हालांकि, अभियान शुरू होने के दो सप्ताह बाद भी अब तक केवल 54 वाहनों को ही हटाया जा सका है, जिससे अभियान की धीमी गति पर सवाल उठने लगे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, लावारिस वाहनों को हटाने का उद्देश्य सड़कों पर जगह खाली कराना, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना और सार्वजनिक स्थानों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। शहर के विभिन्न हिस्सों में वर्षों से खड़ी कई गाड़ियां जर्जर हो चुकी हैं और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।

दो सप्ताह पहले शुरू हुआ विशेष अभियान

ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी ने यह विशेष अभियान लगभग दो सप्ताह पहले शुरू किया था। शुरुआत में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे वाहनों की पहचान का काम किया गया, जबकि उन्हें टो करके हटाने की प्रक्रिया पिछले सप्ताह से शुरू हुई।

हालांकि, पांचों शहरी नगर निगम क्षेत्रों में अभियान की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक चरण में वाहनों की पहचान, सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में समय लग रहा है।

संयुक्त सर्वे में सामने आए 5,133 लावारिस वाहन

GBA के मुख्य आयुक्त ने बताया कि बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस और ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी ने संयुक्त रूप से सर्वेक्षण किया। इसके अलावा नागरिकों से प्राप्त शिकायतों को भी अभियान में शामिल किया गया।

इस संयुक्त सर्वे के आधार पर शहर में कुल 5,133 ऐसे वाहनों की पहचान की गई, जो लंबे समय से सार्वजनिक सड़कों पर बिना उपयोग के खड़े हैं। इनमें दोपहिया, कार, वाणिज्यिक वाहन और अन्य श्रेणियों के वाहन शामिल हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इन वाहनों की वजह से कई स्थानों पर सड़कें संकरी हो गई हैं, पार्किंग की समस्या बढ़ी है और यातायात प्रभावित हो रहा है।

1,300 वाहनों पर लगाए गए चेतावनी स्टिकर

GBA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक लगभग 1,300 वाहनों पर चेतावनी संबंधी स्टिकर लगाए जा चुके हैं। इन स्टिकरों के माध्यम से वाहन मालिकों को निर्धारित समय के भीतर अपने वाहन हटाने का निर्देश दिया गया है।

यदि निर्धारित अवधि तक वाहन नहीं हटाए जाते, तो उन्हें प्रशासन द्वारा टो करके सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा। इसके बाद संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारी ने कहा कि आने वाले दिनों में अधिक से अधिक वाहनों पर चेतावनी स्टिकर लगाए जाएंगे और हटाने की प्रक्रिया को भी तेज किया जाएगा।

धीमी रफ्तार की बताई वजह

अभियान की धीमी गति को लेकर अधिकारियों ने स्वीकार किया कि फिलहाल यह कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में बड़ी संख्या में अधिकारी अन्य प्रशासनिक कार्यों, विशेष रूप से SIR से जुड़े दायित्वों में व्यस्त हैं। इसी कारण अभियान की गति कुछ धीमी रही है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे ही संबंधित अधिकारियों की उपलब्धता बढ़ेगी, लावारिस वाहनों को हटाने का अभियान तेज कर दिया जाएगा। इसके लिए जल्द ही दैनिक और साप्ताहिक लक्ष्य भी निर्धारित किए जाएंगे।

यातायात और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम

शहर में लंबे समय से खड़े लावारिस वाहन केवल यातायात में बाधा ही नहीं बनते, बल्कि कई बार सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता का विषय होते हैं। जर्जर वाहनों में कचरा जमा होने, असामाजिक गतिविधियों की आशंका और आपातकालीन परिस्थितियों में मार्ग अवरुद्ध होने जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।

इसी को ध्यान में रखते हुए GBA ने ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की है।

नागरिकों से भी मांगा सहयोग

अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास लंबे समय से कोई लावारिस वाहन खड़ा है, तो उसकी जानकारी प्रशासन को दें। साथ ही जिन वाहन मालिकों को चेतावनी नोटिस मिला है, वे स्वयं अपने वाहन हटा लें ताकि अनावश्यक कार्रवाई से बचा जा सके।

ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी का कहना है कि यह अभियान आने वाले दिनों में और व्यापक रूप से चलाया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य शहर की सड़कों को अतिक्रमण और लावारिस वाहनों से मुक्त कर यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। यदि अभियान तय योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो आने वाले समय में हजारों लावारिस वाहनों को हटाकर सार्वजनिक स्थानों को आम लोगों के लिए अधिक उपयोगी बनाया जा सकेगा।

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