बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग पर डीके शिवकुमार का पलटवार

Update: 2026-08-10 07:00 GMT

कर्नाटक। कर्नाटक में पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने विपक्षी दलों की ओर से उनके इस्तीफे की मांग पर पलटवार किया है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान शिवकुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि देश में ऐसा कौन व्यक्ति है, जिसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है।

नागेंद्र को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं और उनके खिलाफ लगे आरोपों के बीच इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा कि केवल किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होना अपने आप में उसके दोषी होने का प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार कानूनी दायरे में रहकर पूरे मामले को देखेगी।

'देश में किसके खिलाफ मामले नहीं हैं?'

मीडिया से बातचीत में शिवकुमार ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा, “देश में किसके खिलाफ मामले नहीं हैं?” उन्होंने आगे सवाल किया कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी को किसी मामले में जमानत नहीं मिली है।

शिवकुमार ने कहा, “क्या एच.डी. कुमारस्वामी को जमानत नहीं मिली है? देश में कितने मंत्री ऐसे हैं जो जमानत पर बाहर नहीं हैं?” उनके इस बयान को विपक्ष की उस मांग के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें बी. नागेंद्र को लेकर सरकार पर राजनीतिक और नैतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

उपमुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि किसी नेता के खिलाफ मामला दर्ज होना या किसी मामले में जमानत पर होना अपने आप में उसे सार्वजनिक जीवन से बाहर करने का आधार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हर मामले को कानून और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए।

नागेंद्र के कर्नाटक छोड़ने की जानकारी नहीं

बी. नागेंद्र के कर्नाटक से बाहर चले जाने से जुड़े सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि उनके संज्ञान में ऐसी कोई जानकारी नहीं आई है कि पूर्व मंत्री राज्य छोड़कर चले गए हैं।

उन्होंने कहा, “मेरे संज्ञान में ऐसी कोई बात नहीं आई है कि नागेंद्र कर्नाटक छोड़कर चले गए हैं।” शिवकुमार ने यह भी कहा कि अदालत की ओर से ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है, जिसमें किसी नियम के उल्लंघन की बात कही गई हो।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कानूनी प्रक्रिया के दायरे में रहकर ही आगे बढ़ेगी। उनके मुताबिक, यदि जांच या कार्रवाई की आवश्यकता होगी तो उसे कानून के अनुसार किया जाएगा।

कानूनी दायरे में होगी जांच

शिवकुमार ने कहा कि सरकार किसी भी मामले में कानून से बाहर जाकर कार्रवाई नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि “कानूनी दायरे में जो कुछ भी होगा, हम उसकी जांच करेंगे।”

उनके बयान से यह संकेत मिला कि सरकार बी. नागेंद्र से जुड़े मामले में कानूनी प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना चाहती है। विपक्ष की ओर से लगातार उठाए जा रहे राजनीतिक सवालों के बावजूद शिवकुमार ने मामले को कानून और तथ्यों के आधार पर देखने पर जोर दिया।

विपक्ष पर भी साधा निशाना

उपमुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों को चर्चा के लिए मुद्दों की जरूरत होती है और इसलिए वे इस तरह की बातें कर रही हैं।

शिवकुमार ने कहा, “विपक्षी पार्टियों को चर्चा के लिए मुद्दों की जरूरत होती है, इसलिए वे बातें कर रही हैं; उन्हें करने दीजिए।”

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी दलों के बीच कई मुद्दों को लेकर राजनीतिक टकराव जारी है। बी. नागेंद्र से जुड़े मामले को लेकर भी विपक्ष सरकार को घेरने का प्रयास कर रहा है।

राजनीतिक घटनाक्रम पर भी सवाल

दिल्ली में शिवकुमार से राज्य के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कई सवाल पूछे गए। इस दौरान नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों, विधान परिषद के सभापति के इस्तीफे और कर्नाटक मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल से जुड़े मुद्दे भी सामने आए।

मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर कांग्रेस के भीतर चर्चा चलने की खबरों के बीच शिवकुमार का दिल्ली दौरा भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी मुलाकातों और चर्चाओं को राज्य सरकार में संभावित बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, नागेंद्र के मुद्दे पर शिवकुमार ने स्पष्ट रूप से विपक्ष की इस्तीफे की मांग को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने मामले को कानूनी प्रक्रिया के तहत देखने की बात दोहराई।

सरकार और विपक्ष में बढ़ सकता है टकराव

बी. नागेंद्र को लेकर विवाद के बीच शिवकुमार के बयान से साफ है कि कांग्रेस सरकार फिलहाल विपक्ष के दबाव में तत्काल कोई निर्णय लेने के बजाय कानूनी प्रक्रिया को आधार बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

वहीं विपक्षी दलों के लिए यह मुद्दा सरकार को घेरने का एक और अवसर बन सकता है। आने वाले दिनों में यदि मामले में जांच या अदालत की ओर से कोई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आता है, तो राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

फिलहाल शिवकुमार ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि सरकार कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करेगी। उन्होंने विपक्ष के राजनीतिक आरोपों को ज्यादा महत्व न देते हुए कहा कि विपक्ष को मुद्दों की जरूरत है और वह अपनी बात कहता रहेगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब निगाहें बी. नागेंद्र से जुड़े मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। साथ ही, कर्नाटक में संभावित कैबिनेट फेरबदल और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर कांग्रेस नेतृत्व के फैसले भी राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

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