बेंगलुरु। कर्नाटक के रामनगर जिले के बिदादी इलाके में शनिवार सुबह बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की एक बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बड़े साइन बोर्ड से जा टकराई। हादसा इतना जबरदस्त था कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 14 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
कोझिकोड से बेंगलुरु आ रही थी बस
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त KSRTC बस केरल के कोझिकोड से बेंगलुरु की ओर जा रही थी। शनिवार सुबह रामनगर तालुक के बिदादी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में अवरागेरे गेट के पास अचानक बस का नियंत्रण बिगड़ गया।
बताया जा रहा है कि बस सड़क से हटकर किनारे की ओर चली गई और वहां लगे एक बड़े साइन बोर्ड से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। कुछ ही देर में पुलिस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गईं।
ड्राइवर और कंडक्टर की मौके पर मौत
हादसे में बस के ड्राइवर और कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान ड्राइवर मिथिलेश और कंडक्टर अरुण के रूप में हुई है।
टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ड्राइवर और कंडक्टर को बाहर निकालने में भी राहतकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दोनों शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस मृतकों के परिवारों को घटना की जानकारी देने में जुटी है।
14 से ज्यादा यात्री घायल
हादसे में बस में सवार 14 से अधिक यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कई यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद घायलों को नजदीकी अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में ले जाया गया।
कुछ घायलों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किए जाने की संभावना है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
हादसे के बाद बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों ने भी मदद की। राहत कार्य के दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
अवरागेरे गेट के पास हुआ हादसा
यह दुर्घटना रामनगर तालुक के बिदादी पुलिस स्टेशन की सीमा में अवरागेरे गेट के पास हुई। यह इलाका बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर स्थित है और यहां से बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं।
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के वास्तविक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर बस का नियंत्रण बिगड़ने की बात सामने आई है, लेकिन यह नियंत्रण क्यों बिगड़ा, इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या बस की रफ्तार अधिक थी, चालक को अचानक कोई परेशानी हुई या सड़क की स्थिति अथवा किसी अन्य वजह से वाहन अनियंत्रित हुआ।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
दुर्घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई। बस की तकनीकी स्थिति की भी जांच की जा सकती है। इसके अलावा हादसे से पहले बस की गति और चालक के नियंत्रण से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल दुर्घटना के कारण को लेकर किसी एक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने दुर्घटनास्थल के आसपास यातायात को भी व्यवस्थित किया, ताकि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की परेशानी न हो।
यात्रियों में मची अफरा-तफरी
सुबह के समय हुए इस हादसे से बस में सवार यात्रियों में भारी दहशत फैल गई। अचानक तेज टक्कर के बाद यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला। कई यात्री सीटों से गिर गए और कुछ को गंभीर चोटें आईं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे के बाद बस से मदद के लिए आवाजें आने लगीं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की।
आपातकालीन टीमों के पहुंचने के बाद राहत कार्य को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया गया।
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा को लेकर फिर सवाल
बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर पहले भी सड़क दुर्घटनाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। तेज रफ्तार और वाहनों पर नियंत्रण खोने की घटनाएं सड़क सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
शनिवार को हुई दुर्घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर यातायात सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है। खासकर लंबी दूरी की बसों के संचालन, चालकों की थकान, वाहन की तकनीकी जांच और सड़क किनारे सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठ सकते हैं।
हालांकि, मौजूदा हादसे में इन कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
ड्राइवर मिथिलेश और कंडक्टर अरुण की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दोनों के परिवारों को घटना की जानकारी दे दी गई है। हादसे में घायल यात्रियों के परिजनों से भी संपर्क किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं। बस की तकनीकी जांच और अन्य परिस्थितियों के आधार पर दुर्घटना की वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
शनिवार सुबह हुए इस भीषण हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा का सवाल सामने ला दिया है। दो लोगों की मौत और 14 से अधिक यात्रियों के घायल होने की यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि बस आखिर किस वजह से अनियंत्रित हुई और हादसे को रोकने के लिए क्या सुरक्षा उपाय पर्याप्त थे।