बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल' (PUC) सर्टिफिकेट जारी करने के लिए अधिकृत सेंटर्स की फीस में बदलाव किया है। नई दरें राज्य भर के सभी वाहन मालिकों पर लागू होंगी।नोटिफिकेशन के अनुसार, दोपहिया वाहनों के लिए फीस 65 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दी गई है, जबकि ऑटो-रिक्शा के लिए टेस्टिंग चार्ज 75 रुपये से बढ़कर 80 रुपये हो गया है।पेट्रोल, LPG और CNG से चलने वाली कारों के लिए PUC टेस्टिंग फीस 115 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये कर दी गई है। डीजल वाहनों के लिए फीस 160 रुपये से बढ़कर 200 रुपये हो गई है।सभी मोटर वाहनों के लिए PUC सर्टिफिकेट ज़रूरी है ताकि यह प्रमाणित किया जा सके कि उनसे होने वाला उत्सर्जन प्रदूषण नियमों के तहत तय सीमा के भीतर है। ये टेस्ट राज्य भर के सरकारी अधिकृत सेंटर्स पर किए जाते हैं और सर्टिफिकेट को समय-समय पर रिन्यू करवाना ज़रूरी होता है।
ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह बदलाव टेस्टिंग सेंटर्स पर ऑपरेशनल लागत में बढ़ोतरी और बेहतर उपकरण व निगरानी सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।बढ़ी हुई फीस का असर बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों के वाहन मालिकों पर पड़ने की उम्मीद है, जहां ट्रैफिक पुलिस नियमित रूप से PUC नियमों के पालन की जांच करती है।वैलिड PUC सर्टिफिकेट न दिखा पाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माना लग सकता है। वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने वाहनों की टेस्टिंग करवाने से पहले अधिकृत PUC सेंटर्स पर नई दरों की जानकारी ले लें।
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