बेंगलुरु: उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी जब चाहें कर्नाटक की राजनीति में वापस आ सकते हैं, भले ही इसके लिए उन्हें अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल के पद से इस्तीफा देना पड़े। उन्होंने हाल ही में सामने आए 'स्टिंग ऑपरेशन' विवाद और इससे जुड़े राजनीतिक आरोपों को एक 'अस्वास्थ्यकर घटनाक्रम' (unhealthy development) करार दिया।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए परमेश्वर ने कहा कि कुमारस्वामी को राज्य की राजनीति में लौटने से कोई नहीं रोक सकता, लेकिन 2028 में कर्नाटक में किसकी सरकार बनेगी, यह बताना अभी बहुत जल्दबाजी होगी।

राज्य की राजनीति में लौटने और फिर से सत्ता हासिल करने की कुमारस्वामी की इच्छा के बारे में पूछे जाने पर परमेश्वर ने कहा, "अगर वह राज्य की राजनीति में वापस आना चाहते हैं, तो उन्हें कौन रोकेगा? अगर वह चाहें, तो कल ही अपने पद से इस्तीफा देकर राज्य की राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं। राजनीति में किसी को कोई नहीं रोक सकता।"

'स्टिंग ऑपरेशन' विवाद और राजनीतिक नेताओं पर लग रहे आरोपों के बारे में परमेश्वर ने कहा कि यह घटनाक्रम निश्चित रूप से अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को सार्वजनिक बयान देते समय संयम बरतना चाहिए।

उन्होंने कहा, "सार्वजनिक जीवन में गलतियां हो सकती हैं, और अतीत में भी ऐसी घटनाएं हुई होंगी। लेकिन हालात इस हद तक पहुंच जाएं, यह ठीक नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्रियों सहित जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को अपने कद और अपने बयानों के नतीजों के बारे में सोचना चाहिए।

परमेश्वर ने कहा, "अगर हर कोई इस मुद्दे पर बयान और पलटवार करता रहा, तो हमें सोचना होगा कि इससे क्या नतीजा निकलेगा। ऐसे मामलों पर सार्वजनिक रूप से इतनी चर्चा करना उचित नहीं है। आगे कोई प्रतिक्रिया देने के बजाय, चुप रहना ही बेहतर होगा।" जब उनसे पूछा गया कि क्या इस विवाद से सरकार की छवि पर असर पड़ रहा है, तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और सरकार के अन्य सदस्य इस बात पर चर्चा करेंगे कि सरकार की साख कैसे बचाई जाए और आगे कोई कदम उठाने से पहले जनता के सामने तथ्य कैसे रखे जाएं।


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