डेविड डिसूजा मर्डर केस में बड़ा खुलासा सुपारी देकर कराई गई हत्या 3 आरोपी गिरफ्तार

Update: 2026-08-08 09:01 GMT
उडुपी : कर्नाटक के उडुपी शहर में कांग्रेस नेता और पूर्व ग्राम पंचायत अध्यक्ष डेविड डिसूजा की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, यह हत्या अचानक हुए विवाद का नतीजा नहीं थी, बल्कि कथित तौर पर सुपारी देकर कराई गई थी। पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद डेविड डिसूजा की हत्या की साजिश रची गई। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू, अजय रस्तोगी और जियाहुल वजूल शेक के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में जियाहुल वजूल शेक बिहार का रहने वाला है, जबकि राजू उत्तर प्रदेश और अजय रस्तोगी उत्तराखंड का निवासी बताया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की सुपारी किसने दी थी और इसके पीछे पैसों के विवाद से जुड़े कौन-कौन से लोग शामिल थे। मामले की जांच के दौरान पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की पूरी साजिश और कथित कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक, 55 वर्षीय डेविड डिसूजा की शुक्रवार शाम करीब चार बजे सेंट जेवियर्स चर्च कॉम्प्लेक्स के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि डिसूजा अपने कार्यालय से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो हमलावर उनके पास पहुंचे और कथित तौर पर बेहद करीब से उनके सिर में गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
गोली चलने की आवाज और घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर हालत में डेविड डिसूजा को उडुपी के आदर्श हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद शिरवा पुलिस थाना क्षेत्र में हत्या का मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि तीन संदिग्ध बस के जरिए भटकल की तरफ जाने की कोशिश कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस की एक टीम बिंदूर के पास पहुंची और संदिग्धों को रोकने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वहां से भागने का प्रयास किया। इसी दौरान एक आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर को बस से धक्का देकर भागने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की। इस घटना में गोली लगने से एक पुलिस अधिकारी घायल हो गया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। अब उनसे पूछताछ के आधार पर हत्या के पीछे के मकसद और साजिश में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या को अंजाम देने के लिए आरोपियों को किसने संपर्क किया और उन्हें कितनी रकम देने का वादा किया गया था।
डेविड डिसूजा स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे थे। वह मुदारांगादी ग्राम पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रह चुके थे। पंचायत अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने कई बार जिम्मेदारी संभाली थी। राजनीति के साथ-साथ वह सिविल कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर भी काम करते थे। इसके अलावा उनका स्थानीय स्तर पर बार और ट्रांसपोर्ट से जुड़ा कारोबार भी बताया गया है। उनके सामाजिक और कारोबारी संपर्कों को देखते हुए पुलिस पैसों के विवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी जांच कर रही है।
इस हत्या के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों के बयानों, घटनास्थल से मिले सुराग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि डेविड डिसूजा और आरोपियों के बीच सीधे तौर पर क्या संबंध था और पैसों का विवाद किस स्तर तक पहुंचा था। इसके साथ ही हत्या की योजना बनाने वाले कथित मास्टरमाइंड की पहचान करना भी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद हत्या की पूरी कहानी और इसके पीछे की साजिश का खुलासा हो सकेगा।
फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या हत्या के पीछे सिर्फ पैसों का विवाद था या इसके अलावा कोई अन्य कारण भी जुड़ा हुआ है। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच के आधार पर मामले में और गिरफ्तारियां या नए तथ्य सामने आने की संभावना है।
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