बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार की मुफ्त बिजली योजना ‘गृह ज्योति’ का लाभ लेने वाले करीब 82 हजार परिवारों पर अब योजना से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। इन परिवारों ने योजना के तहत चल रहे वेरिफिकेशन प्रोसेस में शामिल होने से इनकार कर दिया है। बिजली वितरण कंपनियां (ESCOMS) अब ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार कर सरकार को सौंपने की तैयारी कर रही हैं।
‘गृह ज्योति’ योजना के तहत राज्य के पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने एक निश्चित सीमा तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाती है। योजना का लाभ जारी रखने के लिए बिजली मीटर और लाभार्थियों की जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है।
दो महीने से चल रहा है डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन
बिजली वितरण कंपनियों ने सभी लाभार्थियों का रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए दो महीने का डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन अभियान शुरू किया है। इस प्रक्रिया के तहत बिजली उपभोक्ताओं की पहचान और योजना से जुड़ी जानकारी की पुष्टि की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि वेरिफिकेशन का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि इसका लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंच रहा है।
हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में परिवारों ने अपनी जानकारी देने से इनकार कर दिया है।
आधार कार्ड की जानकारी जरूरी
बेस्कॉम (BESCOM) के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, योजना के सत्यापन के लिए कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं है। पैन कार्ड और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जमा करना अनिवार्य नहीं किया गया है।
लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड जैसी बुनियादी जानकारी देना जरूरी है, क्योंकि ‘गृह ज्योति’ योजना के तहत हर बिजली मीटर को लाभार्थी के आधार नंबर से जोड़ा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि आधार से जुड़ी जानकारी के बिना लाभार्थी की पहचान की पुष्टि करना मुश्किल हो जाता है।
कई परिवारों ने खुद छोड़ा योजना का लाभ
अधिकारियों के मुताबिक, वेरिफिकेशन के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ पंजीकृत परिवार अब इस योजना का लाभ नहीं लेना चाहते हैं। इन लोगों ने अपनी इच्छा से योजना से बाहर रहने का फैसला किया है।
विभाग का कहना है कि ऐसे उपभोक्ताओं की जानकारी भी रिकॉर्ड की जाएगी ताकि भविष्य में योजना से जुड़े आंकड़ों को सही रखा जा सके।
जानकारी नहीं देने वालों की सूची सरकार को भेजी जाएगी
वरिष्ठ बेस्कॉम अधिकारियों ने कहा कि जो परिवार वेरिफिकेशन प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहे हैं, उनकी जानकारी दर्ज की जाएगी और इसे राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला ले सकती है कि किन लाभार्थियों को योजना का लाभ जारी रखा जाए और किन्हें सूची से हटाया जाए।
योजना में पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश
अधिकारियों का कहना है कि वेरिफिकेशन अभियान का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि योजना को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।
सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि मुफ्त बिजली योजना का फायदा केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिले जो इसके लिए पात्र हैं। सत्यापन प्रक्रिया से गलत या डुप्लीकेट रिकॉर्ड हटाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
लाभार्थियों की संख्या और भविष्य पर नजर
‘गृह ज्योति’ योजना कर्नाटक सरकार की प्रमुख गारंटी योजनाओं में शामिल है। इस योजना के जरिए बड़ी संख्या में घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिल रही है।
हालांकि, अब वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बाद लाभार्थियों की संख्या में बदलाव देखने को मिल सकता है। करीब 82 हजार परिवारों द्वारा जानकारी नहीं देने के कारण उनके नाम योजना की सूची से हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार के फैसले पर रहेगी नजर
फिलहाल बिजली कंपनियां वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करने में जुटी हैं। इसके बाद तैयार रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि इन परिवारों को आगे भी ‘गृह ज्योति’ योजना का लाभ मिलेगा या नहीं।
राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में अंतिम फैसला घोषित नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि योजना के नियमों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।