बेंगलुरु/नई दिल्ली। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य सिद्धारमैया आगामी 2 नवंबर को नई दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, इस संभावित बैठक में सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन के मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया 1 नवंबर को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी जाएंगे। इसी यात्रा के दौरान उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा था। सूत्रों का दावा है कि राहुल गांधी ने उन्हें 2 नवंबर को मिलने का समय दे दिया है। हालांकि बैठक के एजेंडे और समय को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

2 नवंबर को राहुल गांधी से संभावित मुलाकात

सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने नई दिल्ली यात्रा के दौरान राहुल गांधी से व्यक्तिगत मुलाकात करने की इच्छा जताई थी।

बताया जा रहा है कि उनकी ओर से मुलाकात का समय मांगे जाने के बाद 2 नवंबर की तारीख तय की गई है।

इस संभावित बैठक को कर्नाटक की कांग्रेस राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि दोनों नेताओं के बीच किन-किन मुद्दों पर बातचीत होगी, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

सूत्रों का कहना है कि कथित स्टिंग ऑपरेशन का विषय चर्चा में शामिल हो सकता है।

इस संबंध में कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अभी कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।

1 नवंबर को दिल्ली जाने का कार्यक्रम

जानकारी के अनुसार, सिद्धारमैया 1 नवंबर को एआईसीसी की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली जाने वाले हैं।

इस कार्यक्रम में उनकी भागीदारी के बाद राहुल गांधी से मुलाकात की संभावना जताई गई है।

एआईसीसी कांग्रेस का केंद्रीय संगठन है, जो पार्टी की राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों और राजनीतिक कार्यक्रमों का समन्वय करता है।

हालांकि 1 नवंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन का स्थान, समय और विस्तृत एजेंडा उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।

सिद्धारमैया की दिल्ली यात्रा का प्रमुख घोषित उद्देश्य इसी विरोध कार्यक्रम में भाग लेना बताया गया है।

कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर बढ़ा विवाद

सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन ने कर्नाटक की राजनीति में विवाद खड़ा कर दिया है।

सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो को लेकर सिद्धारमैया ने आरोप लगाया है कि यह उनकी छवि खराब करने और उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश का हिस्सा है।

उन्होंने वीडियो को मनगढ़ंत बताते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।

सिद्धारमैया का कहना है कि वह जानना चाहते हैं कि कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे कौन लोग हैं और वीडियो को किस उद्देश्य से प्रसारित किया गया।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आएगी।

पुलिस में शिकायत, जांच जारी

कथित स्टिंग वीडियो के मामले में सिद्धारमैया ने 6 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

इसके बाद बेंगलुरु की साइबर अपराध पुलिस ने मामला दर्ज किया।

जांच में कथित फर्जी वीडियो तैयार करने, पहचान के दुरुपयोग और ब्लैकमेल करने के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।

बेंगलुरु की केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) भी वीडियो के प्रसार और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो किसने तैयार किया, उसे किसने ऑनलाइन अपलोड किया और उसके प्रसार में अन्य किन लोगों की भूमिका रही।

वीडियो अपलोड करने के मामले में एक व्यक्ति गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने दिल्ली निवासी रितेश पांडे को 24 अक्टूबर को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, उस पर कथित स्टिंग ऑपरेशन से संबंधित वीडियो ऑनलाइन अपलोड करने का आरोप है।

जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में पांडे ने दावा किया कि जनता दल (सेक्युलर) की सोशल मीडिया टीम से जुड़े एक व्यक्ति के निर्देश पर उसने वीडियो अपलोड किया था।

हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले में अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

रितेश पांडे को अदालत में पेश किया गया, जहां उसे जांच में सहयोग करने की शर्त पर जमानत दी गई।

अदालत से भी मिली अंतरिम राहत

सिद्धारमैया ने कथित वीडियो के प्रसारण और प्रकाशन को रोकने के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाया था।

बेंगलुरु की एक दीवानी अदालत ने 13 अक्टूबर को कुछ मीडिया संस्थानों और डिजिटल मंचों को कथित मानहानिकारक सामग्री प्रसारित या प्रकाशित करने से रोकने का अंतरिम आदेश दिया।

सिद्धारमैया का कहना है कि उन्होंने गलत सूचना के प्रसार को रोकने और मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए कानूनी कदम उठाए हैं।

हालांकि अदालत का अंतरिम आदेश वीडियो से जुड़े सभी आरोपों की सत्यता पर अंतिम निर्णय नहीं है।

कर्नाटक कांग्रेस में भी उठे सवाल

कथित स्टिंग ऑपरेशन के मुद्दे पर कर्नाटक कांग्रेस के भीतर भी सवाल उठे हैं।

सिद्धारमैया के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में पार्टी से जुड़े कुछ व्यक्तियों की भूमिका हो सकती है।

उन्होंने इसे अपने पिता की छवि खराब करने की कोशिश बताया।

दूसरी ओर, भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) के नेताओं ने इस विवाद को लेकर कांग्रेस सरकार से जवाब मांगा है।

हालांकि विभिन्न नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और किसी व्यापक राजनीतिक साजिश की पुष्टि नहीं हुई है।

राहुल गांधी से किन मुद्दों पर होगी बातचीत?

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और सिद्धारमैया की संभावित मुलाकात में कथित स्टिंग ऑपरेशन प्रमुख विषय हो सकता है।

सिद्धारमैया इस मामले में दर्ज शिकायत, पुलिस जांच और अपनी ओर से उठाए गए कानूनी कदमों की जानकारी पार्टी नेतृत्व को दे सकते हैं।

हालांकि बैठक में इन विषयों पर चर्चा होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

राजनीतिक दृष्टि से यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि सिद्धारमैया कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और कर्नाटक में पार्टी की राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

दिल्ली दौरे पर रहेगी राजनीतिक नजर

सिद्धारमैया की प्रस्तावित दिल्ली यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर पुलिस जांच और राजनीतिक बयानबाजी जारी है।

एक ओर सिद्धारमैया वीडियो को फर्जी बताते हुए इसके पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व से सवाल पूछ रहे हैं।

ऐसे में राहुल गांधी से उनकी संभावित मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा है।

फिलहाल 1 नवंबर को सिद्धारमैया के दिल्ली जाने और 2 नवंबर को राहुल गांधी से मुलाकात की संभावना जताई गई है। बैठक होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर बातचीत हुई।

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