बेंगलुरु: बिहार के रहने वाले 22 वर्षीय एक युवक को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। उस पर अपनी 25 वर्षीय पत्नी की हत्या करने और शव को बेंगलुरु के मगदी रोड स्थित एक नाले में फेंकने का आरोप है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पत्नी के किसी और के साथ संबंध होने के शक को लेकर अक्सर झगड़े होते थे। आरोपी मोहम्मद इरफ़ाज़ ने 10 अक्टूबर को अपनी पत्नी रुखसाना की हत्या कर दी थी। 13 अक्टूबर को उसका शव नाले से बरामद किया गया।
इरफ़ाज़ और रुखसाना दोनों बिहार के रहने वाले थे और उन्होंने एक साल पहले शादी की थी। रुखसाना की यह दूसरी शादी थी; उसकी पहली शादी से एक बच्चा भी था, लेकिन वह अपने पहले पति से अलग हो चुकी थी।
पुलिस के अनुसार, बिहार में गुब्बारे बेचते समय दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया था। करीब छह महीने पहले वे बेंगलुरु आ गए, जहाँ इरफ़ाज़ एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करने लगा। रुखसाना भी काम करती थी, लेकिन दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे।
इरफ़ाज़ को शक था कि उसकी पत्नी का किसी और के साथ अफेयर है, क्योंकि वह अक्सर फोन पर बात करती थी। 10 अक्टूबर को विवाद और बढ़ गया, जिसके बाद इरफ़ाज़ ने कथित तौर पर एक पत्थर उठाकर उसकी हत्या कर दी और उसके मुंह में स्कार्फ ठूंस दिया।
हत्या के बाद, आरोपी ने किसी अनजान व्यक्ति की मोटरसाइकिल का हैंडल लॉक तोड़ दिया और शव को ठिकाने लगाने के लिए उसका इस्तेमाल किया। उसने शव को एक बैग में रखकर मोटरसाइकिल के हैंडल के बीच फंसाया और गाड़ी को धक्का देकर उस जगह तक ले गया, जहाँ उसने शव को नाले में फेंक दिया।
13 अक्टूबर को शव मिला। शुरुआत में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला और महिला की पहचान भी नहीं हो सकी।
इसके बाद मगदी रोड पुलिस ने 10 से ज़्यादा टीमें बनाईं और घर-घर जाकर लापता लोगों के बारे में पूछताछ की।
जांच के दौरान, स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि गोपालपुरा के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने इरफ़ाज़ से पूछताछ की, तो उसने दावा किया कि उसकी पत्नी बिहार अपने घर लौट गई है और अपना मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर रही है।
पुलिस को उसके बयान पर शक हुआ, इसलिए उन्होंने आगे की पूछताछ के लिए उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपनी पत्नी की हत्या करने की बात कबूल कर ली, जिससे पुलिस को इस मामले को सुलझाने में मदद मिली। याद दिला दें कि 11 अगस्त को बेंगलुरु पुलिस ने 32 वर्षीय सागर चंद्र रावत को अपनी 28 वर्षीय पत्नी अनुसूया बेहरा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था।
अनुसूया बेहरा (28) और सागर चंद्र रावत (32) ओडिशा के रहने वाले थे और उत्तर-पूर्वी बेंगलुरु में संपिगेहल्ली/एम.एस. नगर के पास एक किराए के मकान में रहते थे। पैसों के लेन-देन और सैलरी को लेकर पति-पत्नी के बीच तीखी बहस हुई थी। आरोप है कि रावत ने घर पर ही अनुसूया के साथ मारपीट की और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
रावत ने शव को तीन दिन तक घर के अंदर ही रखा। उसने शव को एक चादर में लपेटा, रस्सी से बांधा और आधी रात के करीब एम.एस. नगर के अग्रहारा लेआउट में एक खाली और झाड़ियों से भरे प्लॉट पर फेंक दिया। इसके बाद वह उस होटल में जाकर रहने लगा, जहाँ वह किचन सुपरवाइजर के तौर पर काम करता था।
2 सितंबर 2026 को, ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के निर्देश पर खाली प्लॉट की सफाई कर रहे मजदूरों को वहां एक शव मिला, जो काफी हद तक सड़ चुका था। शव के बुरी तरह सड़ जाने के कारण उसकी पहचान करना मुश्किल था। पुलिस को पीड़िता के कपड़ों पर एक टैग मिला, जो ओडिशा के भुवनेश्वर के एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का था। इसी सुराग के जरिए पुलिस ने अनुसूया की पहचान की और रावत को गिरफ्तार कर लिया।