पलक्कड़। जिले में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में जिले में 54.49 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

बारिश के चलते जिले के प्रमुख जलाशयों—मंगलम और कांजिरापुझा बांध—का जलस्तर उनकी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच गया है। स्थिति को नियंत्रित रखने और संभावित खतरे से बचने के लिए दोनों बांधों के शटर खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने बांधों के निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।

मंगलम बांध का जलस्तर खतरे के करीब

जिला प्रशासन के अनुसार, मंगलम बांध में पानी का मौजूदा स्तर 77.71 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 77.88 मीटर है। लगातार हो रही बारिश के कारण बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है।

स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर ने निर्देश जारी किए हैं कि आवश्यकता के अनुसार स्पिलवे शटर को चरणबद्ध तरीके से अधिकतम 60 सेंटीमीटर तक उठाया जाएगा, ताकि अतिरिक्त पानी सुरक्षित रूप से छोड़ा जा सके और बांध पर दबाव न बढ़े।

कांजिरापुझा बांध के तीन शटर खोले गए

शुक्रवार रात से जारी भारी बारिश का असर कांजिरापुझा बांध पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश होने से बांध में पानी तेजी से बढ़ा है।

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बांध के तीन शटर खोल दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल बांध का जलस्तर 95.37 मीटर है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 97.50 मीटर निर्धारित है।

यदि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहता है और जलस्तर तेजी से बढ़ता है, तो जरूरत के अनुसार शटरों को और अधिक ऊपर उठाकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जाएगा।

नदी किनारे रहने वालों को चेतावनी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी में स्नान करने, मछली पकड़ने या किसी भी अन्य गतिविधि के लिए नदी के पास न जाएं। इसके अलावा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

कंट्रोल रूम किए गए स्थापित

संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इन कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार मौसम की स्थिति, जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है।

राजस्व, पुलिस, सिंचाई और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार समन्वय बनाकर हालात पर नजर रख रही हैं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी की गई है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, जिले और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय निकायों, आपदा प्रबंधन टीमों और अन्य संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

विशेष रूप से पहाड़ी और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

प्रशासन की लोगों से अपील

जिला कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन तथा मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। यदि किसी क्षेत्र में जलभराव या खतरे की स्थिति उत्पन्न होती है तो तत्काल स्थानीय प्रशासन या कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दें।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि आवश्यक होने पर प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल सभी विभाग अलर्ट मोड पर हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

लगातार हो रही बारिश और बांधों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति के अनुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे, जबकि लोगों से सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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