कोन्नी के जंगल में मिला लापता आदिवासी मुखिया का शव, एक महीने से थे गायब
कोन्नी: केरल के कोन्नी के पास एक जंगल में शुक्रवार को एक आदिवासी मुखिया का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान कोक्कातथोडे के आदिवासी मुखिया मोहनदास (70) के रूप में हुई है, जो पिछले एक महीने से अधिक समय से लापता थे।
पुलिस ने बताया कि मोहनदास 26 जून से लापता थे। परिवार और स्थानीय लोगों की ओर से तलाश किए जाने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। शुक्रवार को जंगल क्षेत्र में उनका शव मिलने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
जंगल में चट्टान के पास मिला शव
पुलिस के मुताबिक, मोहनदास का शव जंगल के अंदर एक चट्टान के पास पेड़ से लटका हुआ मिला। शव काफी खराब स्थिति में था और सड़-गल चुका था।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और संबंधित अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि शव की पहचान परिजनों की मदद से की गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने की तैयारी की गई।
पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की सही तस्वीर सामने आएगी।
26 जून से थे लापता
मोहनदास के लापता होने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने उनकी तलाश शुरू की थी। आदिवासी समुदाय के लोगों और आसपास के निवासियों ने जंगल सहित कई इलाकों में उनकी खोज की।
कई दिनों तक तलाश के बावजूद उनका पता नहीं चल पाया था। अब जंगल में उनका शव मिलने के बाद परिवार और समुदाय के लोगों में शोक का माहौल है।
इलाके में शोक का माहौल
मोहनदास स्थानीय आदिवासी समुदाय के मुखिया थे और क्षेत्र में उनकी पहचान एक जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में थी। उनके निधन की खबर मिलने के बाद कोक्कातथोडे और आसपास के इलाकों में दुख का माहौल है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मोहनदास समुदाय से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे और लोग उनकी बातों को महत्व देते थे।
पुलिस कर रही है जांच
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आसपास के लोगों से जानकारी ली जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मोहनदास जंगल में कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
परिवार को सौंपा जाएगा शव
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिवार को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद परिवार की इच्छा के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पुलिस ने कहा है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
आदिवासी समुदाय में चिंता
मोहनदास की मौत की खबर के बाद आदिवासी समुदाय के लोगों में चिंता और दुख है। समुदाय के लोग इस मामले की पूरी जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि मौत के कारणों का पता चल सके।
स्थानीय प्रशासन भी मामले पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य निष्कर्षों का इंतजार कर रही है। मोहनदास की मौत से जुड़े सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।