फोर्ट कोच्चि को ‘टूरिज्म ग्रीन मार्शल’ योजना से बाहर रखने पर विवाद

Update: 2026-07-29 10:17 GMT

कोच्चि। केरल के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल फोर्ट कोच्चि को राज्य सरकार की ‘टूरिज्म ग्रीन मार्शल’ योजना के पहले चरण से बाहर रखे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पर्यटन विभाग पर आरोप लगाया जा रहा है कि राज्य के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थलों को बेहतर बनाने की योजनाओं के बावजूद फोर्ट कोच्चि जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्र को प्राथमिकता नहीं दी गई।

मुख्यमंत्री द्वारा घोषित ‘टूरिज्म ग्रीन मार्शल’ योजना का उद्देश्य पर्यटन स्थलों को साफ-सुथरा, पर्यटकों के अनुकूल और सुरक्षित बनाना है। इस योजना के तहत मौजूदा सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ प्रशिक्षित ग्रीन मार्शल की तैनाती की जानी है, जो पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, व्यवस्था और पर्यटकों की सुविधा से जुड़े कार्यों में मदद करेंगे।

पहले चरण में शामिल था फोर्ट कोच्चि का नाम

योजना की शुरुआती घोषणा के समय फोर्ट कोच्चि को भी पहले चरण में शामिल किए जाने की बात कही गई थी। इसके अलावा मुन्नार, अलाप्पुझा, कोवलम और वायनाड जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी इस परियोजना में शामिल किया गया था।

हालांकि, पर्यटन विभाग की ओर से जिला पर्यटन केंद्रों को भेजी गई योजना लागू करने वाली सूची में पहले चरण के लिए फोर्ट कोच्चि का नाम शामिल नहीं होने के बाद सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि फोर्ट कोच्चि राज्य के सबसे अधिक देखे जाने वाले पर्यटन स्थलों में से एक है। ऐसे में इसे योजना से बाहर रखना समझ से परे है।

फोर्ट कोच्चि का पर्यटन में अहम स्थान

फोर्ट कोच्चि अपनी ऐतिहासिक विरासत, समुद्री तट, पुराने भवनों, सांस्कृतिक आयोजनों और विदेशी पर्यटकों के आकर्षण के लिए जाना जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं।

स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र को स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ी योजना में शामिल किया जाना चाहिए था। उनका तर्क है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां बेहतर प्रबंधन की जरूरत है।

160 ग्रीन मार्शल की होगी तैनाती

‘टूरिज्म ग्रीन मार्शल’ योजना के तहत राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर करीब 160 प्रशिक्षित मार्शल तैनात किए जाने की योजना है। ये मार्शल पर्यटकों की सहायता, साफ-सफाई की निगरानी और पर्यटन स्थलों पर बेहतर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे।

सरकार का उद्देश्य है कि पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

विभाग की सूची पर उठे सवाल

पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई शुरुआती कार्यान्वयन सूची में फोर्ट कोच्चि का नाम नहीं होने के बाद स्थानीय स्तर पर नाराजगी सामने आई है। लोगों का कहना है कि राज्य के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक को योजना के पहले चरण से बाहर रखना उचित नहीं है।

पर्यटन क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने मांग की है कि सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करे और फोर्ट कोच्चि को भी योजना में शामिल किया जाए।

स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर चिंता

फोर्ट कोच्चि में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में समुद्र तट, सार्वजनिक स्थानों और पर्यटन स्थलों की नियमित सफाई और बेहतर प्रबंधन जरूरी माना जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रीन मार्शल योजना से यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकती थीं। इससे पर्यटन क्षेत्र को भी मजबूती मिलती और स्थानीय कारोबार को लाभ होता।

सरकार की योजना पर निगाहें

राज्य सरकार ने पर्यटन को आर्थिक विकास के एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इसी के तहत पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने और उनकी गुणवत्ता सुधारने के लिए कई योजनाएं शुरू की जा रही हैं।

हालांकि, फोर्ट कोच्चि को लेकर उठे विवाद के बाद अब नजर इस बात पर है कि क्या पर्यटन विभाग अपनी सूची में बदलाव करता है या नहीं।

स्थानीय स्तर पर बढ़ रही मांग

फोर्ट कोच्चि के स्थानीय निवासी, पर्यटन व्यवसायी और हितधारक लगातार मांग कर रहे हैं कि इस ऐतिहासिक पर्यटन स्थल को ‘टूरिज्म ग्रीन मार्शल’ योजना में शामिल किया जाए।

उनका कहना है कि यदि योजना का उद्देश्य पर्यटन स्थलों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर बनाना है, तो फोर्ट कोच्चि जैसे लोकप्रिय स्थान को इससे अलग नहीं रखा जाना चाहिए।

फिलहाल, इस मुद्दे को लेकर पर्यटन विभाग की ओर से अंतिम निर्णय का इंतजार है। फोर्ट कोच्चि को योजना में शामिल करने की मांग के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार आगे क्या कदम उठाती है।

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