तिरुवनंतपुरम: CPM की राज्य लीडरशिप ने UDF सरकार की आलोचना की है क्योंकि उसने बिना शुरुआती जांच के पिनाराई विजयन, मुहम्मद रियास और टी. वीना के खिलाफ 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया है। CPM के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने कहा कि राज्य सरकार को 'एक्सलॉजिक-CMRL पे-ऑफ मामले' में FIR दर्ज करने की ED की याचिका पर हाई कोर्ट के सिंगल जज के आदेश के खिलाफ अपील की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए थी।गोविंदन ने कहा, "सरकार ने पहले साफ किया था कि वह शुरुआती जांच के बाद ही कोई कदम उठाएगी। हालांकि, कोर्ट के आदेश के बाद उसने अपना रुख बदल लिया।"

उन्होंने कहा, "सरकार को ED के कहने पर पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करना चाहिए था। जहां कांग्रेस की राष्ट्रीय लीडरशिप का मानना ​​है कि BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ED का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर कर रही है, वहीं केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार केंद्रीय एजेंसी के निर्देशों का पालन कर रही है।"

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