तिरुवनंतपुरम: तेज़ी से हो रहे शहरीकरण और आबादी में तेज़ी से हो रहे बदलावों के कारण केरल पर दबाव बढ़ रहा है। इसे देखते हुए राज्य वित्त आयोग ने फंड बंटवारे के तरीके में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। सोमवार को गवर्नर को सौंपी गई अपनी तीसरी रिपोर्ट में आयोग ने स्थानीय निकायों को मज़बूत करने और टैक्स व नॉन-टैक्स से होने वाली कमाई बढ़ाने के तरीकों पर भी सुझाव दिए हैं।

रिपोर्ट में स्थानीय निकायों से अपनी कमाई बढ़ाने की सिफ़ारिश की गई है। साथ ही कहा गया है कि मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए आने वाले सालों में ज़्यादा आर्थिक मदद मिलने की संभावना कम है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि फंड के बंटवारे का फ़ैसला करते समय आबादी का घनत्व और बुज़ुर्गों की संख्या जैसे कई नए पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। सूत्रों ने बताया, "स्थानीय निकायों के पास टैक्स और नॉन-टैक्स से होने वाली कमाई बढ़ाने की गुंजाइश है। लेकिन राज्य सरकार के पास अब यह सुविधा नहीं है। स्थानीय निकाय इसके लिए प्रॉपर्टी टैक्स जैसे कई तरह के टैक्स लगा सकते हैं। इससे उन्हें ज़्यादा लोन लेने में भी मदद मिलेगी।"

उन्होंने कहा, "इसी तरह, कुछ स्थानीय निकाय बॉन्ड जारी करने पर भी विचार कर सकते हैं। यह वित्तीय साधन राज्य की उधार लेने की सीमा से बंधा नहीं होगा। ज़रूरत पड़ने पर, स्थानीय निकाय मिलकर बड़े प्रोजेक्ट्स को लागू करने के लिए लोन ले सकते हैं। उनके पास आज़माने के लिए कई रास्ते हैं।"

 

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