तिरुवनंतपुरम: राज्य सरकार दृढ़ता से इस राय का समर्थन करती है कि कम उम्र के अपराधियों को किशोर न्याय अधिनियम की आड़ में कानून से बचना नहीं चाहिए और इसलिए वह अधिनियम में उन धाराओं में संशोधन के लिए केंद्र सरकार से संपर्क करेगी जो गंभीर अपराधों में शामिल नाबालिगों के लिए अनुकूल साबित हो, गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शुक्रवार को कहा।
चेन्निथला ने कहा कि स्थिति ऐसी हो गई है कि किशोर न्याय (जेजे एक्ट) के तहत जो लोग 18 साल के नहीं हुए हैं वे किसी की भी हत्या कर सकते हैं या उस पर हमला कर सकते हैं. उन्होंने कहा, "समाज नियमों में बदलाव की मांग कर रहा है। लेकिन चूंकि जेजे एक्ट एक केंद्रीय नियम है, इसलिए राज्य सरकार की अपनी सीमाएं हैं। इसलिए कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श करने के बाद, राज्य सरकार अधिनियम में संशोधन के लिए केंद्र सरकार से संपर्क करेगी।