आज खुलेगा शबरिमला मंदिर, तैयारियां पूरी
केरल : केरल के प्रसिद्ध सबरीमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में ओणम उत्सव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (TDB) और केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इस साल ओणम का सबसे महत्वपूर्ण दिन तिरुवोणम 26 अगस्त को मनाया जाएगा। मंदिर को 16 अगस्त की शाम पांच बजे मेलशांति यानी मुख्य पुजारी प्रसाद ई. डी. द्वारा खोला जाएगा। इस दौरान मंदिर तंत्री यानी प्रधान पुजारी कंदारारू ब्रह्मदत्तन भी मौजूद रहेंगे। मंदिर खुलने के बाद पथिनेट्टम पड़ी यानी 18 पवित्र सीढ़ियों के नीचे स्थित ‘आझी’ में पवित्र अग्नि प्रज्वलित की जाएगी।
17 अगस्त को चिंगम महीने के पहले दिन सुबह पांच बजे मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा। चिंगम का पहला दिन मलयालम नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। ऐसे में इस अवसर पर सबरीमला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी दिन उषा पूजा के बाद शबरिमला के ‘उल्काझकम’ के चयन के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। उल्काझकम वह सहायक होता है, जो मेलशांति को पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों को संपन्न कराने में सहयोग करता है।
चिंगम महीने की पूजा पूरी होने के बाद सबरीमला मंदिर 21 अगस्त की रात 10 बजे बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद ओणम से संबंधित विशेष पूजा और अनुष्ठानों के लिए मंदिर को 24 अगस्त को दोबारा खोला जाएगा। तिरुवोणम के मौके पर मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए KSRTC ने भी विशेष व्यवस्था की है। चिंगम महीने के दौरान सबरीमला आने वाले अयप्पा भक्तों के लिए 16 से 28 अगस्त तक व्यापक परिवहन व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त बस सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।
ओणम के दौरान सबरीमला में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर प्रशासन और परिवहन विभाग का लक्ष्य है कि दर्शन, पूजा और यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।