कोच्चि: कलाडी यूनिवर्सिटी से निलंबित छात्रों को अदालत में झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि इनमें से दस छात्रों को कल से शुरू होने वाली परीक्षाओं में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने एकल पीठ के पहले के आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि एकल पीठ का आदेश नियमों के विपरीत है। यह निर्णय एकल पीठ के आदेश के खिलाफ कुलपति सीज़ा थॉमस द्वारा दायर अपील के बाद आया है।
अदालत ने कुलपति के इस रुख को बरकरार रखा कि विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले छात्रों की आवश्यक उपस्थिति नहीं थी और परिणामस्वरूप, उन्हें परीक्षाओं में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण 16 छात्र पिछले 65 दिनों से निलंबित हैं। कुलपति सीज़ा थॉमस द्वारा दायर अपील के बाद न्यायमूर्ति अनिल के. नरेंद्रन और एस. मुरलीकृष्ण की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। इस बीच, छात्रों ने सवाल किया कि वे आवश्यक उपस्थिति कैसे प्राप्त कर सकते हैं, जबकि वे 65 दिनों से निलंबित हैं। कल हुई सिंडिकेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि कलाडी विश्वविद्यालय में 16 में से 12 छात्रों का निलंबन रद्द किया जा सकता है यदि वे लिखित माफी मांगते हैं। एसएफआई कार्यकर्ताओं ने घोषणा की कि वे माफी मांगेंगे। जांच समिति द्वारा सिंडिकेट को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 23 अगस्त को विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया और कुलपति का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया गया।
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