कन्नूर। केरल के कन्नूर जिले में एक 17 वर्षीय छात्र के घर छोड़कर चले जाने का मामला सामने आया है। छात्र के लापता होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि मोबाइल गेम खेलने पर रोक लगाए जाने के बाद छात्र नाराज होकर घर से निकल गया। जाने से पहले उसने एक चिट्ठी भी छोड़ी, जिसमें उसने लिखा कि वह काशी जा रहा है और वहीं अपना जीवन बिताएगा।

लापता छात्र की पहचान पेरिंगथुर पुलियानमप्रम निवासी शिवसूर्या के रूप में हुई है। वह चोकली रामाविलासम हायर सेकेंडरी स्कूल का प्लस टू का छात्र है। छात्र के अचानक गायब होने से परिवार में चिंता का माहौल है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चोकली पुलिस ने छात्र की तलाश तेज कर दी है। कन्नूर सिटी पुलिस कमिश्नर विजय भरत रेड्डी के विशेष निर्देश पर छात्र को खोजने के लिए एक स्पेशल स्क्वाड का गठन किया गया है। इस टीम की अगुवाई थलासेरी एएसपी डॉ. नंदू गोपन कर रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, छात्र के घर से जाने के बाद परिवार ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर उसकी तलाश शुरू की। छात्र के दोस्तों, रिश्तेदारों और परिचितों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

परिवार के अनुसार, शिवसूर्या ने घर छोड़ने से पहले एक चिट्ठी लिखी थी। इस पत्र में उसने लिखा, "मैं काशी जा रहा हूं और वहीं अपनी जिंदगी बिताऊंगा और भगवान की पूजा करूंगा।" चिट्ठी मिलने के बाद परिवार को आशंका है कि छात्र धार्मिक यात्रा के उद्देश्य से कहीं निकल गया है।

बताया जा रहा है कि मोबाइल गेम खेलने की आदत को लेकर परिवार ने छात्र को रोक दिया था। इसके बाद वह नाराज था और इसी वजह से घर छोड़ने की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस अभी सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है।

पुलिस ने छात्र की तलाश के लिए तकनीकी जांच भी शुरू की है। उसके मोबाइल फोन की लोकेशन और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संभावित स्थानों पर भी जांच की जा रही है।

छात्र के काशी जाने की बात चिट्ठी में लिखे होने के कारण पुलिस धार्मिक स्थलों और यात्रा मार्गों पर भी नजर रख रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्र ने घर से निकलने के बाद किस रास्ते का इस्तेमाल किया।

परिवार के सदस्यों ने पुलिस से जल्द से जल्द छात्र को सुरक्षित वापस लाने की अपील की है। उनका कहना है कि शिवसूर्या पढ़ाई में अच्छा था और अचानक इस तरह घर छोड़कर चले जाने से वे काफी परेशान हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि किशोर उम्र में कई बार बच्चे छोटी-छोटी बातों को लेकर भावनात्मक निर्णय ले लेते हैं। ऐसे समय में परिवार और बच्चों के बीच संवाद बेहद जरूरी होता है। बच्चों की परेशानियों को समझना और उन्हें सही मार्गदर्शन देना महत्वपूर्ण है।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को शिवसूर्या के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने छात्र की तस्वीर और अन्य जानकारी के आधार पर तलाश अभियान तेज कर दिया है।

लापता छात्र के मामले में पुलिस कई पहलुओं से जांच कर रही है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता छात्र को सुरक्षित बरामद करना है। जांच टीम लगातार संभावित स्थानों पर जानकारी जुटा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर किशोरों के मानसिक दबाव, मोबाइल गेम की लत और परिवार के साथ संवाद के महत्व को सामने ला दिया है। पुलिस और परिवार दोनों को उम्मीद है कि शिवसूर्या जल्द ही सुरक्षित मिल जाएगा।

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