इंदौर में वार्म-अप करते समय 10वीं के छात्र की मौत, बड़े भाई ने दिया CPR लेकिन नहीं बची जान
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां शनिवार शाम अटल खेल परिसर में नियमित व्यायाम करने पहुंचे 15 वर्षीय छात्र की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। मृतक की पहचान कनिष्क बोयाक के रूप में हुई है, जो कक्षा दसवीं का छात्र था। बताया जा रहा है कि कनिष्क रोजाना की तरह खेल परिसर में वार्म-अप कर रहा था, तभी अचानक जमीन पर गिर पड़ा। उसे गिरते देख वहां मौजूद उसके बड़े भाई ने तुरंत मदद करने की कोशिश की और सीपीआर (CPR) देकर उसकी जान बचाने का प्रयास किया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद छात्र की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इस घटना से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, घटना शनिवार शाम करीब 5 बजे से 6 बजे के बीच की है। कनिष्क बोयाक नियमित रूप से अटल खेल परिसर में व्यायाम करने जाता था। शनिवार को भी वह अपने बड़े भाई दिव्यांश के साथ खेल परिसर पहुंचा था। दोनों अपनी नियमित गतिविधियों में व्यस्त थे। इसी दौरान कनिष्क वार्म-अप कर रहा था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह जमीन पर गिर गया। शुरुआत में आसपास मौजूद लोगों को उसकी स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन जब वह नहीं उठा तो उसके भाई ने तत्काल मदद करने का प्रयास किया।
कनिष्क के 17 वर्षीय बड़े भाई दिव्यांश ने छोटे भाई को अचानक गिरते देखा तो वह तुरंत उसके पास पहुंचा। उसने कनिष्क को होश में लाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद दिव्यांश ने सीपीआर देना शुरू किया। बताया जा रहा है कि उसने अपने छोटे भाई की जान बचाने के लिए लगातार प्रयास किया, लेकिन कनिष्क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। घटना के बाद परिवार के सदस्यों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
कनिष्क की अचानक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक स्वस्थ दिखने वाला किशोर, जो नियमित रूप से खेलकूद और व्यायाम करता था, उसका वार्म-अप के दौरान अचानक गिर जाना चिंताजनक है। हालांकि, छात्र की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध जानकारी में किसी चिकित्सकीय रिपोर्ट या पोस्टमार्टम के निष्कर्ष का उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में मौत को सीधे हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट से जोड़ना उचित नहीं होगा। चिकित्सकीय जांच के बाद ही मृत्यु की सही वजह सामने आ सकेगी।
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि कनिष्क के बड़े भाई ने अपनी आंखों के सामने उसे गिरते देखा और उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। दिव्यांश की उम्र महज 17 वर्ष है। ऐसे में छोटे भाई को अचानक अचेत अवस्था में देखना और उसकी जान बचाने की कोशिश करना उसके लिए बेहद कठिन अनुभव रहा होगा। परिवार के लिए भी यह घटना गहरा आघात है।
अटल खेल परिसर में हुई इस घटना ने खेलकूद और व्यायाम के दौरान अचानक बेहोश होने जैसी आपात स्थितियों में तत्काल सहायता की आवश्यकता को भी सामने रखा है। विशेषज्ञों के अनुसार, खेल गतिविधियों के दौरान किसी व्यक्ति के अचानक गिरने के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं। इनमें हृदय की धड़कन से जुड़ी गंभीर समस्या, अचानक कार्डियक अरेस्ट, शरीर में पानी की कमी, रक्तचाप में बदलाव या अन्य चिकित्सकीय स्थितियां शामिल हो सकती हैं। हालांकि, कनिष्क के मामले में इनमें से किसी कारण की पुष्टि नहीं हुई है।
चिकित्सकों के अनुसार, अचानक बेहोश होकर गिरने वाले व्यक्ति की स्थिति का तुरंत आकलन करना बेहद जरूरी है। यदि व्यक्ति प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है और सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा है, तो तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलानी चाहिए। ऐसी स्थिति में प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा सीपीआर देना जीवनरक्षक साबित हो सकता है। यदि आसपास ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) उपलब्ध हो, तो उसके निर्देशों के अनुसार उपयोग करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक आपातकालीन जीवनरक्षक प्रक्रिया है। इसका इस्तेमाल उन परिस्थितियों में किया जाता है, जब किसी व्यक्ति का हृदय प्रभावी तरीके से रक्त पंप करना बंद कर देता है। इस प्रक्रिया में छाती पर दबाव देकर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त प्रवाह बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, केवल सीपीआर देने से हर व्यक्ति की जान बचना संभव नहीं होता। समय पर उन्नत चिकित्सा सहायता और आवश्यकता पड़ने पर डिफिब्रिलेशन भी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
कनिष्क के मामले में उसके बड़े भाई ने तुरंत सीपीआर देकर मदद करने का प्रयास किया, लेकिन छात्र की जान नहीं बच सकी। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि खेल परिसरों, जिम, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर आपातकालीन चिकित्सा सहायता की व्यवस्था कितनी आवश्यक है। विशेष रूप से ऐसे स्थानों पर जहां बड़ी संख्या में बच्चे और युवा शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं, वहां प्राथमिक उपचार की जानकारी और आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारी महत्वपूर्ण होती है।
खेल और व्यायाम सामान्यतः बच्चों और किशोरों के शारीरिक तथा मानसिक विकास के लिए लाभकारी होते हैं। नियमित शारीरिक गतिविधियां शरीर को स्वस्थ रखने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती हैं। हालांकि, व्यायाम के दौरान बार-बार चक्कर आना, सीने में दर्द, असामान्य सांस फूलना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षणों की स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है।
कनिष्क बोयाक की मौत के बाद उसके परिवार और परिचितों के बीच शोक का माहौल है। दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र की असमय मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। जिस खेल परिसर में वह नियमित रूप से व्यायाम करने पहुंचता था, वहीं अचानक हुई इस घटना ने परिवार की खुशियां छीन लीं।
फिलहाल छात्र की मौत के कारणों को लेकर विस्तृत आधिकारिक चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि कनिष्क की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। इस दुखद घटना ने एक बार फिर खेल परिसरों में स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों और समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।