हरदा : मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हरदा में आयोजित किसान महा चौपाल और हल्ला बोल आंदोलन के दौरान प्रदेश सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने मूंग की खरीदी को लेकर सरकार को 3 अगस्त तक का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने की व्यवस्था शुरू नहीं की गई तो कांग्रेस किसानों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी और चक्काजाम किया जाएगा।
हरदा में आयोजित किसान महा चौपाल में बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश के किसान लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि किसानों ने मेहनत से मूंग की फसल तैयार की है और अब उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों की बात तो करती है, लेकिन जमीन पर किसानों को उसका लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मूंग की खरीदी को लेकर स्पष्ट नीति नहीं होने से किसानों में असंतोष है। उन्होंने मांग की कि सरकार पिछले वर्ष की तरह समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की व्यवस्था तत्काल शुरू करे, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।
जीतू पटवारी ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही मौसम, बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितताओं से परेशान हैं। ऐसे समय में यदि सरकार खरीदी व्यवस्था में देरी करती है तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 3 अगस्त तक यदि मूंग खरीदी को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कांग्रेस प्रदेशभर में किसानों के समर्थन में बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
किसान महा चौपाल के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर जमकर निशाना साधा। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के दावों के बावजूद किसान अपनी उपज बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए और किसानों के लिए सरल प्रक्रिया बनाई जाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मूंग खरीदी में देरी होने से किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर अपनी फसल बेचनी पड़ सकती है। इससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर किसानों के हित में फैसला लेने की मांग की।
वहीं, आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
जीतू पटवारी के अल्टीमेटम के बाद अब सभी की नजरें प्रदेश सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि मूंग खरीदी के मुद्दे पर वह पीछे हटने वाली नहीं है और किसानों के समर्थन में आंदोलन जारी रखेगी। वहीं सरकार की ओर से इस मामले में क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर किसानों और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।