डिंडौरी: मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में हिट एंड रन की घटना के बाद जमकर बवाल हुआ। गोपालपुर चौकी क्षेत्र के झनकी गांव में साप्ताहिक बाजार के दौरान हुए सड़क हादसे से नाराज भीड़ ने समझाने पहुंचे चौकी प्रभारी अतुल हरदहा पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी वर्दी फाड़ दी और दौड़ाकर पीटा। चौकी प्रभारी ने खेतों की ओर भागकर खुद को बचाया। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत और चार लोगों के घायल होने की खबर है। नाराज लोगों ने हादसे में शामिल कार को भी आग के हवाले कर दिया। घटना शुक्रवार, 23 अक्टूबर की देर शाम की है। झनकी में साप्ताहिक बाजार लगा था और लोग खरीदारी के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान एक कार लोगों को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ गई। वाहन की चपेट में आए युवक की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल हो गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कार ने एक दुकान को भी नुकसान पहुंचाया। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से भाग निकला। 
दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों का आक्रोश बढ़ गया। बाजार में हुए हादसे और युवक की मौत से नाराज लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। भीड़ ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम किया। लोगों के एकजुट होने और विरोध बढ़ने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। हालात संभालने के लिए आसपास के थानों से भी पुलिस बल भेजा गया। पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने एसडीओपी को घटनास्थल पर भेजने की जानकारी दी थी। चौकी प्रभारी की शिकायत के मुताबिक, उन्हें शाम लगभग 6:45 बजे दुर्घटना की सूचना मिली थी। वे पुलिसकर्मियों के साथ झनकी पहुंचे। वहां कुछ लोग दुर्घटना करने वाले वाहन में आग लगाने की बात कह रहे थे। पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोकने और समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोग उग्र हो गए और पुलिस टीम को घेर लिया। शिकायत में गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप भी लगाए गए हैं। 
आरोप है कि समझाइश के दौरान चौकी प्रभारी के साथ मारपीट की गई। एक आरोपी ने उनकी वर्दी फाड़ी, जबकि दूसरे ने डंडे से हमला किया। स्थिति बिगड़ने पर अतुल हरदहा खेतों की दिशा में भागे। इस घटना ने सड़क दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस के लिए हालात और मुश्किल कर दिए। जिस टीम को भीड़ शांत करने के लिए भेजा गया था, उसी को हमले का सामना करना पड़ा। 
इस बीच दुर्घटना में शामिल कार में आग लगा दी गई। वाहन जलाने और ग्रामीणों के बढ़ते विरोध के कारण गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत पड़ी। घटनास्थल पर पुलिस के सामने एक ओर दुर्घटना के बाद पैदा हुआ आक्रोश था, तो दूसरी ओर आगजनी रोकने की चुनौती भी थी। बाजार में लोगों को टक्कर लगने के बाद शुरू हुआ विरोध हिंसक घटनाक्रम में बदल गया। 
हादसे में शामिल वाहन के मालिक के परिवार ने भी डर और धमकी की बात कही है। परिजनों का आरोप है कि भीड़ उनके घर को जलाने की धमकी दे रही थी। इसी आशंका के कारण परिवार रातभर घर से दूर रहा। परिवार की महिलाओं ने दावा किया कि उनके यहां ट्रैक्टर चलाने वाला एक युवक वाहन की चाबी जबरन ले गया था। यह परिजनों का पक्ष है; वाहन कौन चला रहा था और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच अलग से की जा रही है। 
चौकी प्रभारी की शिकायत पर शनिवार को करंजिया थाने में छह नामजद और करीब 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस के सामने अब सड़क दुर्घटना और उसके बाद हुई हिंसा, दोनों की जांच है। दुर्घटना में चालक की भूमिका के साथ पुलिसकर्मी पर हमला करने तथा वाहन जलाने में शामिल लोगों की पहचान भी जांच का हिस्सा है। एसडीओपी विवेक गौतम के अनुसार, अज्ञात चालक के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। अतुल हरदहा ने शुक्रवार को ही गोपालपुर चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी संभाली थी। नई जिम्मेदारी मिलने के पहले दिन ही उन्हें इस हिंसक घटनाक्रम का सामना करना पड़ा। इससे पहले वे अमरपुर और विक्रमपुर चौकी में भी प्रभारी रह चुके हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में हमले के मामले में गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। दर्ज शिकायत के आरोपों और दुर्घटना के कारणों पर आगे की स्थिति पुलिस जांच से स्पष्ट होगी।
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