MP में फिर सक्रिय होगा मानसून

Update: 2026-08-02 04:49 GMT

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 6 अगस्त तक राज्य के पश्चिमी-मध्य हिस्से और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। वहीं प्रदेश के बाकी हिस्सों में सामान्य बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त के मध्य तक प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बारिश सामान्य से अधिक रह सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में सामान्य बारिश होने का अनुमान है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। विशेषकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने के संकेत मिले हैं। पिछले कुछ दिनों में पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों और आम लोगों को राहत मिली है।

राजधानी भोपाल में भी शनिवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ रहा। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। मौसम में ठंडक आने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। हालांकि, अभी तक हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में मानसून की कुल स्थिति सामान्य से पीछे चल रही है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जून महीने में कम बारिश होने के कारण इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। हालांकि, जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश की संभावना के चलते इस कमी के पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की बारिश का वितरण इस साल प्रदेश में असमान रहा है। कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कई इलाकों में अपेक्षाकृत कम वर्षा दर्ज की गई है। यही वजह है कि प्रदेश का औसत बारिश आंकड़ा अभी सामान्य से नीचे बना हुआ है।

कृषि क्षेत्र के लिए आने वाली बारिश बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मध्य प्रदेश में खरीफ फसलों की बुवाई पूरी हो चुकी है और अब फसलों की अच्छी वृद्धि के लिए पर्याप्त बारिश की जरूरत है। सोयाबीन, धान, मक्का, कपास और अन्य खरीफ फसलों के लिए अगस्त महीने की बारिश काफी अहम होती है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।

पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन बारिश से जुड़े हालात की निगरानी कर रहे हैं। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए भी तैयारियां की जा रही हैं।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे बारिश के दौरान सावधानी बरतें। आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की गई है। साथ ही नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून के अगले चरण में प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण मध्य प्रदेश में बादल बनने और बारिश होने की संभावना बनी हुई है। आने वाले दिनों में कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।

राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई बड़े शहरों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। हालांकि, बारिश के बीच उमस का असर भी बना रह सकता है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगस्त का महीना मध्य प्रदेश के लिए बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा। यदि इस दौरान सामान्य से अच्छी बारिश होती है तो मानसून की शुरुआती कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। इससे जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ेगा और कृषि गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

फिलहाल, मध्य प्रदेश में मानसून की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी-मध्य और पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान किसानों और आम लोगों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है।

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