भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान एक चौंकाने वाला एंगल सामने आया है। पुलिस को आशंका है कि किशोर को कथित तौर पर शरीर के एक हिस्से को विदेश भेजने के बदले बड़ी रकम देने के लालच से जुड़े मामले में निशाना बनाया गया हो सकता है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

मृतक किशोर भोपाल के शाहजहानाबाद इलाके का रहने वाला था। वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था और घर की आर्थिक मदद के लिए छोटी-मोटी बिक्री का काम करता था। बताया जा रहा है कि वह मोती मस्जिद, इकबाल मैदान और आसपास के क्षेत्रों में पेन और नोटबुक बेचकर अपनी रोजमर्रा की जरूरतों में परिवार का सहयोग करता था।

जानकारी के अनुसार, किशोर 6 अगस्त को इकबाल मैदान इलाके से अचानक लापता हो गया था। जब वह काफी समय तक घर वापस नहीं लौटा तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने शाहजहानाबाद थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने किशोर की तलाश शुरू की। पुलिस ने आसपास के इलाकों में पूछताछ की और संभावित स्थानों पर जांच की। पांच दिन बाद 11 अगस्त को किशोर का शव भोपाल के छोटे तालाब से बरामद किया गया।

शव की हालत ऐसी थी कि शुरुआती दौर में उसकी पहचान करना मुश्किल था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पहचान के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद 14 अगस्त को परिवार के लोगों ने उसके कपड़ों और जूतों के आधार पर शव की पहचान की।

पहचान होने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अब तक की जांच में पुलिस कई पहलुओं पर काम कर रही है। इनमें किशोर की आखिरी गतिविधियां, उसके संपर्क में रहे लोग और उसके लापता होने से पहले की घटनाएं शामिल हैं।

पुलिस को जांच के दौरान कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर शरीर के अंगों से जुड़े अवैध कारोबार के एंगल की भी पड़ताल की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ नाबालिगों को शरीर का एक हिस्सा विदेश भेजने के बदले करीब 2 करोड़ रुपये देने का लालच दिया गया था और इसी वजह से किशोर को निशाना बनाया गया हो सकता है।

हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की जांच जरूरी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि किशोर की हत्या इसी कारण से की गई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किशोर के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या किसी ने उसे किसी तरह का लालच या दबाव दिया था।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस मामले में कोई संगठित गिरोह शामिल है या नहीं। अगर शरीर के अंगों की तस्करी से जुड़ा एंगल सही पाया जाता है तो यह मामला बेहद गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

किशोर की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इकलौते बेटे की हत्या के बाद परिजन सदमे में हैं। परिवार के अनुसार, किशोर मेहनत करके घर की आर्थिक मदद करता था और किसी तरह की गलत गतिविधि में शामिल नहीं था।

स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है। लोगों का कहना है कि एक नाबालिग की इस तरह हत्या होना बेहद गंभीर मामला है और पुलिस को जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए।

पुलिस अब आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इन सबूतों के आधार पर हत्यारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे किशोर की मौत के कारण, हत्या के तरीके और अन्य परिस्थितियों के बारे में जानकारी मिल सकती है। पुलिस ने मामले में सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भोपाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस हत्या की गुत्थी सुलझाना और आरोपियों तक पहुंचना है। किशोर की हत्या से जुड़े कई सवाल अभी अनसुलझे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे आखिरी बार किसके साथ देखा गया था और घटना से पहले उसके साथ क्या हुआ।

फिलहाल पुलिस हत्या के मामले में हर पहलू की जांच कर रही है। शरीर के अंगों की तस्करी वाला एंगल भी जांच का हिस्सा है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मामले में जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, हत्या की पूरी कहानी स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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