MP बारिश पर ब्रेक, बढ़ा तापमान; कई शहरों में पारा 35 डिग्री के पार

Update: 2026-07-15 05:07 GMT

भोपाल : मध्य प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश के बाद अब मौसम का मिजाज बदलने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं और दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना नहीं है, जिसके चलते तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।

मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार, मध्य प्रदेश में पिछले छह दिनों से कहीं भी भारी या बहुत भारी बारिश दर्ज नहीं की गई है। हालांकि कई जिलों में बादल छाए हुए हैं, लेकिन बारिश की रफ्तार धीमी बनी हुई है। प्रदेश के आधे से ज्यादा जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, इस मानसून सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में कुल 241.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 260 मिलीमीटर है। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी ज्यादा देखने को मिली है। पूर्वी मध्य प्रदेश के अंतर्गत आने वाले जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में सामान्य से करीब 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश सामान्य से नीचे रही है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में अब तक औसत से करीब 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि कुछ स्थानीय क्षेत्रों में अच्छी बारिश भी दर्ज की गई है, लेकिन राज्य के औसत आंकड़े पर इसका असर नहीं पड़ा है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की सक्रियता में कमी आने के कारण बारिश का दौर कमजोर हुआ है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी में कमी के कारण प्रदेश में बड़े सिस्टम नहीं बन पा रहे हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश की गतिविधियां थम गई हैं।

बारिश कम होने के साथ ही दिन के तापमान में वृद्धि शुरू हो गई है। कई जिलों में धूप निकलने से उमस बढ़ रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय प्रभाव के कारण हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बन सकती है। मध्य प्रदेश में खरीफ फसलों की बुआई का समय चल रहा है और कई इलाकों में खेती मानसूनी बारिश पर निर्भर है। बारिश में कमी आने से कुछ क्षेत्रों में फसलों की शुरुआती बढ़त प्रभावित हो सकती है। हालांकि कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो स्थिति में सुधार हो सकता है।

प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में कम बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। यहां कई किसान पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण चिंतित हैं। वहीं पश्चिमी हिस्सों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन यहां भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में कोई बड़ा मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है। अगले पांच दिनों में भारी बारिश की संभावना कम है। हालांकि मौसम में बदलाव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और नए सिस्टम बनने पर बारिश की गतिविधियों में फिर से तेजी आ सकती है।

राजधानी भोपाल समेत कई बड़े शहरों में तापमान बढ़ने से लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद मौसम में आई ठंडक अब कम हो रही है। दिन में तेज धूप और नमी के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बारिश में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है। कई बार मानसून ब्रेक की स्थिति बनती है, जिसमें कुछ दिनों के लिए बारिश कम हो जाती है। इसके बाद दोबारा मानसून सक्रिय होने पर अच्छी बारिश हो सकती है।

फिलहाल मध्य प्रदेश में लोगों को भारी बारिश से राहत मिली है, लेकिन बढ़ते तापमान ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी और उमस से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं किसानों को भी मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है।

आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश की स्थिति कैसी रहती है, यह मानसून सिस्टम की गतिविधियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल आईएमडी ने भारी बारिश की संभावना से इनकार किया है और तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान जताया है।

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