ATM कार्ड बदलकर रिटायर्ड शिक्षक से 1.33 लाख की ठगी, पुलिस ने शुरू की जांच
जबलपुर। शहर के ग्वारीघाट इलाके में साइबर और बैंकिंग धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जहां एक 77 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक को ठगों ने अपना शिकार बना लिया। आरोप है कि एक अज्ञात व्यक्ति ने चालाकी से उनका ATM कार्ड बदल दिया और बाद में उनके बैंक खाते से 1.33 लाख रुपये निकाल लिए।
पीड़ित की पहचान केंद्रीय विद्यालय के रिटायर्ड शिक्षक सतीश चंद्र भारद्वाज के रूप में हुई है। उन्होंने इस मामले की शिकायत गुरुवार को ग्वारीघाट पुलिस थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की पहचान करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
पुलिस के अनुसार, सतीश चंद्र भारद्वाज ने बताया कि यह घटना 10 जुलाई की है। वह पैसे निकालने के लिए एक ATM कियोस्क पर गए थे। उन्होंने ATM से 10 हजार रुपये निकाले। पैसे निकालने के बाद वह कियोस्क के अंदर ही रकम गिन रहे थे।
इसी दौरान उनके पीछे खड़े एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें बताया कि उनका कुछ सामान या कोई चीज जमीन पर गिर गई है। जैसे ही भारद्वाज नीचे देखने के लिए झुके, उसी समय आरोपी ने कथित तौर पर उनकी मदद करने के बहाने धोखाधड़ी कर दी।
आरोप है कि आरोपी ने मौका पाकर ATM मशीन से उनका कार्ड निकाल लिया और उसकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति का ATM कार्ड लगा दिया। इसके बाद उसने वही बदला हुआ कार्ड भारद्वाज को वापस थमा दिया और वहां से तेजी से निकल गया।
पीड़ित को शुरुआत में इस धोखाधड़ी का पता नहीं चला। कुछ समय बाद जब उनके खाते से रुपये निकाले जाने के संदेश आने लगे, तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी की जानकारी हुई। जांच करने पर पता चला कि उनके ATM कार्ड का इस्तेमाल कर खाते से कुल 1.33 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं।
इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क किया और मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि आरोपी इस तरह की ठगी करने वाला शातिर गिरोह का सदस्य हो सकता है। ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर ATM केंद्रों के आसपास मौजूद रहते हैं और बुजुर्ग या कम जानकारी रखने वाले लोगों को निशाना बनाते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ATM कार्ड बदलकर पैसे निकालने वाले गिरोह पहले भी कई मामलों में सामने आ चुके हैं। आरोपी लोगों की मदद करने के बहाने उनका पिन नंबर देख लेते हैं या कार्ड बदलकर बाद में खाते से पैसे निकाल लेते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ATM का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें। किसी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से बचें और अपना ATM कार्ड या पिन किसी के साथ साझा न करें। यदि ATM में किसी तरह की परेशानी आती है तो बैंक के अधिकृत कर्मचारियों से ही संपर्क करें।
विशेष रूप से बुजुर्गों को ATM इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी से इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।
ग्वारीघाट पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि डिजिटल और बैंकिंग सुविधाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ धोखाधड़ी के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहना और बैंकिंग लेनदेन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।