इंदौर। दिवाली के त्योहार को देखते हुए जिला प्रशासन ने पटाखों की अस्थायी दुकानों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने सभी उप-विभागीय मजिस्ट्रेटों (एसडीएम) को निर्देश दिया है कि वे पटाखा दुकानों की निगरानी करें और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं। प्रशासन ने एक ही मैदान में अधिकतम 50 अस्थायी पटाखा दुकानों को लाइसेंस देने की सीमा निर्धारित की है। लाइसेंस के लिए आवेदन 27 से 30 अक्टूबर तक स्वीकार किए जाएंगे, जबकि जारी किए जाने वाले लाइसेंस 3 से 8 नवंबर तक मान्य रहेंगे। प्रशासन ने पटाखा बिक्री के लिए निर्धारित स्थानों पर अग्नि सुरक्षा, साफ-सफाई, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।

एक मैदान में अधिकतम 50 पटाखा दुकानों को अनुमति

जिला प्रशासन ने पटाखों की अस्थायी दुकानों के लिए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

निर्देशों के अनुसार, किसी एक मैदान में अधिकतम 50 अस्थायी पटाखा दुकानों के लिए ही लाइसेंस जारी किए जाएंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य एक ही स्थान पर दुकानों की अत्यधिक संख्या होने से पैदा होने वाले जोखिमों को नियंत्रित करना है।

पटाखों का भंडारण और बिक्री संवेदनशील गतिविधियां हैं। ऐसे में दुकानों के बीच सुरक्षित दूरी, आवागमन की व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी महत्वपूर्ण होती है।

प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित स्थानों पर सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

27 से 30 अक्टूबर तक लिए जाएंगे आवेदन

अस्थायी पटाखा दुकान संचालित करने के इच्छुक व्यापारियों के लिए आवेदन की तारीखें निर्धारित कर दी गई हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार, लाइसेंस के लिए आवेदन 27 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक स्वीकार किए जाएंगे।

इस अवधि में आने वाली छुट्टियों को छोड़कर आवेदन जमा किए जा सकेंगे।

व्यापारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

हालांकि आवेदन जमा करने के कार्यालय, आवश्यक दस्तावेज, शुल्क और अन्य प्रक्रियाओं का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

ऐसे में आवेदन करने वाले व्यापारियों को संबंधित प्रशासनिक कार्यालय से आधिकारिक दिशा-निर्देश प्राप्त करने चाहिए।

3 से 8 नवंबर तक मान्य रहेंगे लाइसेंस

प्रशासन ने अस्थायी पटाखा दुकानों के लाइसेंस की वैधता अवधि भी निर्धारित की है।

निर्देशों के अनुसार, जारी किए जाने वाले अस्थायी लाइसेंस 3 नवंबर से 8 नवंबर तक मान्य रहेंगे।

इसका मतलब है कि दुकानदारों को निर्धारित अवधि और लाइसेंस की शर्तों के अनुसार ही पटाखों की बिक्री करनी होगी।

लाइसेंस की अवधि सीमित रखने से प्रशासन को अस्थायी दुकानों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने में सुविधा मिल सकती है।

हालांकि निर्धारित अवधि के बाद बिक्री की अनुमति या अन्य व्यवस्थाओं को लेकर कोई अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आई है।

एसडीएम करेंगे पटाखा दुकानों की निगरानी

कलेक्टर शिवम वर्मा ने उप-विभागीय मजिस्ट्रेटों को पटाखों की अस्थायी दुकानों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

एसडीएम को यह सुनिश्चित करना होगा कि दुकानों का संचालन निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो।

इसके अलावा अधिकारियों को तय स्थानों पर आवश्यक व्यवस्थाओं की स्थिति पर भी ध्यान देना होगा।

पटाखों की बिक्री के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।

ऐसे में प्रशासनिक निगरानी का उद्देश्य संभावित जोखिमों को कम करना और व्यापारियों तथा ग्राहकों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश

पटाखा दुकानों के संचालन में अग्नि सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित बिक्री स्थलों पर आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

पटाखे ज्वलनशील सामग्री की श्रेणी में आते हैं। इसलिए इनके भंडारण और बिक्री के दौरान विशेष सावधानी बरतना आवश्यक होता है।

दुकानों के आसपास आग लगने के जोखिम को कम करने के लिए संबंधित लाइसेंस शर्तों और लागू सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है।

आग लगने जैसी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और तत्काल सहायता पहुंचाने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होती है।

हालांकि प्रशासन की ओर से प्रत्येक दुकान के लिए निर्धारित अग्निशमन उपकरणों की संख्या का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था पर जोर

कलेक्टर शिवम वर्मा ने पटाखा बाजारों में पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही निर्धारित स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखने को भी प्राथमिकता दी गई है।

त्योहारी सीजन में पटाखा बाजारों में बड़ी संख्या में ग्राहकों के पहुंचने की संभावना रहती है।

ऐसे में बाजार परिसर में स्वच्छता, व्यवस्थित रास्ते और बुनियादी सुविधाएं होना जरूरी है।

पानी की उपलब्धता सामान्य उपयोग के साथ कुछ आपातकालीन परिस्थितियों में भी सहायक हो सकती है। हालांकि अग्नि सुरक्षा के लिए आग के प्रकार के अनुरूप उपयुक्त उपकरण और प्रशिक्षित सहायता आवश्यक होती है।

प्रशासन ने अधिकारियों से सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है।

व्यापारियों को करना होगा नियमों का पालन

अस्थायी पटाखा दुकानों के लिए लाइसेंस प्राप्त करने वाले व्यापारियों को निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।

व्यापारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे केवल स्वीकृत स्थानों और निर्धारित अवधि में ही दुकान का संचालन करें।

इसके अलावा लागू विस्फोटक सुरक्षा नियमों, भंडारण संबंधी शर्तों और अग्नि सुरक्षा निर्देशों का पालन भी आवश्यक है।

बिना अनुमति या निर्धारित शर्तों के विपरीत पटाखों की बिक्री कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है।

हालांकि इस विशेष आदेश में नियमों के उल्लंघन पर किस प्रकार की कार्रवाई का प्रावधान किया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

ग्राहकों की सुरक्षा को प्राथमिकता

दिवाली के दौरान पटाखों की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ बढ़ सकती है।

ऐसे में दुकानों की संख्या सीमित करना और निर्धारित स्थानों पर बिक्री की व्यवस्था करना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आग लगने जैसी घटनाओं से बचाव के लिए प्रशासनिक सतर्कता आवश्यक होती है।

ग्राहकों को भी अधिकृत दुकानों से ही पटाखों की खरीदारी करनी चाहिए और बिक्री स्थलों पर दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए।

विशेष रूप से बच्चों के साथ बाजार आने वाले परिवारों को भीड़ और ज्वलनशील सामग्री के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

सुरक्षित दिवाली मनाने की तैयारी

जिला प्रशासन का उद्देश्य दिवाली के दौरान पटाखों की बिक्री को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाना है।

इसके लिए लाइसेंस की संख्या, आवेदन की समयसीमा और संचालन की अवधि निर्धारित की गई है।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने एसडीएम सहित संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

आग से बचाव,

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पानी, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी गई है।

प्रशासन के निर्देशों के अनुसार, पटाखा दुकानों के लिए 27 से 30 अक्टूबर तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे और लाइसेंस 3 से 8 नवंबर तक मान्य रहेंगे। एक मैदान में अधिकतम 50 अस्थायी दुकानों को ही अनुमति दी जाएगी।

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