धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में गुरुवार, 22 अक्टूबर को भीषण सड़क हादसे में तीन स्कूली बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। महू-नीमच हाईवे पर महेंद्रा ब्रिज के पास तेज रफ्तार ट्रॉले ने बाइक सवार तीन बच्चों को टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि तीनों बच्चों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में दो सगे भाई और उनकी मौसेरी बहन शामिल हैं। तीनों बच्चे स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद ट्रॉला चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रॉला जब्त कर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
छोटे भाई और बहन को स्कूल से लेने गया था प्रियांश
पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान प्रियांश, उसके छोटे भाई मोक्ष और मौसेरी बहन आरुषि के रूप में हुई है। तीनों पीथमपुर की उत्कर्ष आंगन कॉलोनी के रहने वाले थे।
प्रियांश नौवीं कक्षा का छात्र था, जबकि उसका छोटा भाई मोक्ष पांचवीं और मौसेरी बहन आरुषि सातवीं कक्षा में पढ़ती थी।बताया जा रहा है कि गुरुवार को प्रियांश स्कूल नहीं गया था। दोपहर करीब दो बजे वह अपने छोटे भाई मोक्ष और मौसेरी बहन आरुषि को लेने सेंट फ्रांसिस स्कूल पहुंचा था।स्कूल की छुट्टी होने के बाद उसने दोनों को बाइक पर बैठाया और घर के लिए रवाना हो गया। तीनों बच्चे घर पहुंचने ही वाले थे कि रास्ते में दर्दनाक हादसा हो गया।
महेंद्रा ब्रिज के पास ट्रॉले ने मारी जोरदार टक्कर
जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चे बाइक क्रमांक एमपी 40 एमएल 4037 से महू-नीमच हाईवे पर जा रहे थे।इसी दौरान महेंद्रा ब्रिज के पास तेज रफ्तार ट्रॉले ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वे ट्रॉले की चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद बाइक और बच्चे करीब दस मीटर तक घिसटते चले गए। घटनास्थल पर बच्चों के स्कूल बैग, किताबें और जूते बिखर गए।इस भयावह मंजर को देखकर आसपास मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। कुछ ही देर में घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
हादसे के बाद मौके पर मची अफरा-तफरी
गुरुवार दोपहर महू-नीमच हाईवे पर हुए इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी।हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।सूचना मिलने पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और वहां जमा भीड़ को नियंत्रित किया।पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल के नंबर के आधार पर बच्चों की पहचान की और उनके परिजनों को सूचना दी।
एक साथ तीन बच्चों की मौत से परिवार में मातम
हादसे में दो सगे भाइयों और उनकी मौसेरी बहन की मौत की खबर से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।जिस परिवार को दोपहर में बच्चों के स्कूल से घर लौटने का इंतजार था, उसी परिवार को कुछ देर बाद उनकी मौत की खबर मिली।
बच्चों की असमय मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं। आसपास रहने वाले लोग भी इस घटना से दुखी हैं।एक ही परिवार से जुड़े तीन बच्चों की जान जाने के कारण उत्कर्ष आंगन कॉलोनी में शोक का माहौल है।इस घटना ने स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
हादसे के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए तीनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए पीथमपुर सिविल अस्पताल भेज दिया।पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल और अन्य परिस्थितियों के आधार पर हादसे की जांच शुरू की है।जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि दुर्घटना के समय ट्रॉले की गति कितनी थी और टक्कर किन परिस्थितियों में हुई।इसके साथ ही पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है।
ट्रॉला चालक वाहन छोड़कर फरार
दुर्घटना के बाद ट्रॉला चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने हादसे में शामिल ट्रॉले को जब्त कर लिया है।पीथमपुर थाना प्रभारी सुनील शर्मा के अनुसार, चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस चालक की तलाश करने के साथ हादसे के कारणों की भी जांच कर रही है।अधिकारियों के अनुसार, जांच के आधार पर दुर्घटना में जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।फिलहाल चालक की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हाईवे पर भारी वाहनों की रफ्तार बनी चिंता
महू-नीमच हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। पीथमपुर एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है, जहां विभिन्न कारखानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक माल पहुंचाने के लिए ट्रक तथा ट्रॉले चलते हैं।ऐसे व्यस्त मार्गों पर तेज रफ्तार वाहन और दोपहिया वाहनों के बीच दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारी वाहनों को मोड़ने और रोकने में अधिक दूरी की आवश्यकता होती है। इसलिए उनके चालकों को आबादी वाले क्षेत्रों, चौराहों और स्कूलों के आसपास विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।इस घटना में वाहन चालक की कथित तेज रफ्तार को हादसे का कारण बताया जा रहा है, लेकिन दुर्घटना की सटीक परिस्थितियां पुलिस जांच में स्पष्ट होंगी।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने आया है।सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिग बच्चों द्वारा मोटरसाइकिल चलाना और निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाना बेहद खतरनाक हो सकता है।
भारत में सामान्य मोटरसाइकिल चलाने के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस और निर्धारित न्यूनतम आयु संबंधी नियम लागू हैं।बच्चों को स्कूल भेजने और वापस लाने के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था का इस्तेमाल करना जरूरी है।इसके अलावा हाईवे के आसपास स्थित स्कूलों और रिहायशी क्षेत्रों में गति नियंत्रण, चेतावनी संकेत तथा सुरक्षित सड़क पार करने की सुविधाओं पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।
सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम
महू-नीमच हाईवे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को सामने रखा है।भारी वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करना चाहिए। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना और सुरक्षित दूरी बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।प्रशासन को ऐसे स्थानों की पहचान करनी चाहिए, जहां दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है।