भिवंडी बिल्डिंग हादसा: चार मंजिला इमारत गिरी, राहत और बचाव अभियान जारी
कोहिनूर इमारत ढहने से दहला भिवंडी
ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां स्थित चार मंजिला कोहिनूर इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इमारत गिरने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग, नगर निगम और आपदा राहत दल मौके पर पहुंच गए और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरने से पहले तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत जमींदोज हो गई। आसपास के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया। बाद में प्रशासन की टीमें भारी मशीनों और विशेष उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं।
हादसे के बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस, आपदा प्रबंधन टीम और अन्य बचाव एजेंसियां संयुक्त रूप से राहत कार्य में जुट गई हैं। जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। बचाव दल मलबे के भीतर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है और प्राथमिकता जीवित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी मौके पर तैनात किया गया है।
कई लोगों के दबे होने की आशंका
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि इमारत में कई परिवार रहते थे। हादसे के समय कुछ लोग अपने घरों में मौजूद थे, जिसके कारण मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मलबा हटने के बाद ही अंदर फंसे लोगों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
बचाव दल लगातार मलबे में जीवन के संकेत तलाशने के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
आसपास का इलाका कराया गया खाली
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने आसपास की इमारतों और क्षेत्र को खाली करा दिया है। पुलिस ने घटनास्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही रोक दी है, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं और प्रशासन का सहयोग करें।
हादसे के कारणों की होगी जांच
इमारत गिरने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर इमारत की जर्जर स्थिति, लगातार बारिश या संरचनात्मक कमजोरी जैसी संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चलेगा।
प्रशासन ने संकेत दिया है कि यदि जांच में निर्माण संबंधी लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों को किया गया अलर्ट
घटना के बाद आसपास के सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। घायलों के इलाज के लिए डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की अतिरिक्त टीमें तैयार रखी गई हैं।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। राहत और बचाव अभियान जारी है तथा मलबा हटने के बाद स्थिति की पूरी जानकारी साझा की जाएगी।