मुंबई। नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को ‘ड्रग-फ्री मुंबई’ अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में नशीले पदार्थों के सेवन और अवैध कारोबार के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना तथा बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक प्रयास करना है।
अभियान की शुरुआत के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस ने नशा-मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। इस दौरान महिलाओं, उद्यमियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों और आम नागरिकों ने भी भाग लिया।
नशा-मुक्त समाज बनाने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने नशीले पदार्थों के खिलाफ एकजुट होकर काम करने और समाज को नशे की समस्या से मुक्त बनाने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे का सबसे अधिक असर युवाओं और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है, इसलिए जागरूकता और सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि केवल कानून के जरिए नशे की समस्या को खत्म नहीं किया जा सकता, बल्कि समाज के हर वर्ग को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी।
बच्चों और युवाओं पर विशेष ध्यान
‘ड्रग-फ्री मुंबई’ अभियान में बच्चों और युवाओं को केंद्र में रखा गया है। सरकार का लक्ष्य है कि स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से छात्रों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाए।
अभियान के तहत युवाओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं, शिक्षकों, सामाजिक संस्थाओं और युवाओं से अपील की कि वे अपने स्तर पर लोगों को जागरूक करें और नशे के खिलाफ माहौल तैयार करें।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की मौजूदगी इस बात का संकेत रही कि नशा-मुक्त अभियान को व्यापक सामाजिक समर्थन देने की कोशिश की जा रही है।
नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त रुख
महाराष्ट्र सरकार पहले से ही नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई कर रही है। ‘ड्रग-फ्री मुंबई’ अभियान के माध्यम से सरकार जागरूकता के साथ-साथ रोकथाम और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है।
अधिकारियों का कहना है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए पुलिस, प्रशासन, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
युवाओं को सही दिशा देने की पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि नशीले पदार्थों की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में युवाओं को सही मार्गदर्शन और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना महत्वपूर्ण है।
अभियान के जरिए युवाओं को खेल, शिक्षा और कौशल विकास जैसी गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा सकता है, ताकि वे नशे जैसी समस्याओं से दूर रहें।
जागरूकता कार्यक्रमों का होगा आयोजन
‘ड्रग-फ्री मुंबई’ अभियान के तहत आने वाले समय में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। इनमें स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर नशे के खिलाफ संदेश पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य है कि इस अभियान को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे लगातार चलने वाली सामाजिक मुहिम बनाया जाए।
सरकार की अपील- मिलकर करें प्रयास
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
‘ड्रग-फ्री मुंबई’ अभियान की शुरुआत के साथ महाराष्ट्र सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। अब इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशासन के साथ समाज के लोग कितनी सक्रियता से इसमें शामिल होते हैं।