भिवंडी हादसे पर सख्त सीएम फडणवीस, दोषियों पर FIR के आदेश

Update: 2026-07-31 08:26 GMT

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भिवंडी में चार मंजिला इमारत के एक हिस्से के ढहने की दर्दनाक घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

यह निर्देश गुरुवार देर रात भिवंडी के बालाजी नगर इलाके के गंगारामवाड़ी में हुए हादसे के बाद जारी किए गए। यहां स्थित चार मंजिला कोहिनूर अपार्टमेंट का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिसमें कई लोग मलबे में दब गए। इस हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कुछ अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के चलते बचाव अभियान जारी है।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से अधिकारियों को घटना की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इमारत की स्थिति कैसी थी, निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की घटनाओं में लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। मलबे को हटाने और उसमें फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बचाव दल आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे की तलाशी ले रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, हादसे के बाद प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। इसके साथ ही मृतकों और घायलों की पहचान कर उनके परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

भिवंडी क्षेत्र में पुरानी और कमजोर इमारतों को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। घनी आबादी वाले इलाकों में कई इमारतें लंबे समय से जर्जर स्थिति में हैं, जिससे मानसून के दौरान हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

प्रशासन अब इस बात की भी समीक्षा करेगा कि संबंधित इमारत को लेकर पहले कोई शिकायत या चेतावनी जारी की गई थी या नहीं। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा अचानक हुआ और देखते ही देखते इमारत का हिस्सा मलबे में बदल गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू करने में मदद की और प्रशासन को सूचना दी।

राज्य सरकार ने हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इमारतों की नियमित जांच और समय पर मरम्मत बेहद जरूरी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बड़ी संख्या में लोग पुराने भवनों में रह रहे हैं। निर्माण नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने पर ऐसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

फिलहाल भिवंडी हादसे में बचाव अभियान जारी है और प्रशासन की नजर मलबे में फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। वहीं, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जांच प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में हादसे के पीछे क्या कारण सामने आते हैं और दोषियों के खिलाफ प्रशासन किस तरह की कार्रवाई करता है।

Tags:    

Similar News