मोशी वेस्ट प्लांट हादसा: मलबे में फंसे लोगों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
पुणे : महाराष्ट्र के पुणे जिले के मोशी इलाके में स्थित वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट में हुए हादसे के बाद बचाव अभियान शुक्रवार को अहम चरण में पहुंच गया। तीन दिन पहले कचरे का भारी ढेर गिरने से ढही फैक्ट्री में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीमों ने मलबा हटाने का काम तेज कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, बचाव दल अब मलबे के अंदर फंसे आठ लोगों तक सुरक्षित पहुंचने के लिए रास्ता बनाने में जुटे हैं। हादसे के बाद से ही कई एजेंसियां लगातार राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
मलबे के कारण सामने का हिस्सा पूरी तरह बंद
अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद इमारत का अगला हिस्सा पूरी तरह मलबे से ढक गया था। इसके कारण बचाव दलों को फंसे हुए लोगों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
रेस्क्यू टीमों ने पहले कमजोर हो चुके ढांचे को स्थिर करने का काम किया। इसके बाद इमारत के पिछले हिस्से की ओर से पहुंच बनाने की कोशिश शुरू की गई, ताकि अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
बचावकर्मियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक मलबा हटाया जा रहा है।
बुधवार दोपहर हुआ था हादसा
यह हादसा बुधवार दोपहर पिंपरी-चिंचवड़ औद्योगिक क्षेत्र के मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में हुआ था। प्लांट के ऊपर बनी तीन मंजिला इमारत उस समय अचानक ढह गई, जब बड़ी मात्रा में जमा कचरे का ढेर इमारत पर गिर गया।
कचरे के भारी दबाव के कारण इमारत का ढांचा कमजोर हो गया और देखते ही देखते वह मलबे में तब्दील हो गई। घटना के समय वहां मौजूद कई लोग मलबे में दब गए।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, अग्निशमन विभाग, पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया।
अब तक नौ लोगों को निकाला गया
अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के बाद शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक नौ लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। हालांकि, इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
बचाव दल लगातार घटनास्थल पर मौजूद हैं और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
कई एजेंसियां अभियान में जुटीं
रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ कई विशेषज्ञ टीमें शामिल हैं। मलबे की स्थिति और इमारत की कमजोर संरचना को देखते हुए बचाव कार्य बेहद सावधानी से किया जा रहा है।
टीमें आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे को हटाने और अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
हादसे के कारणों की जांच जारी
फिलहाल प्रशासन की ओर से हादसे के वास्तविक कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कचरे का ढेर किस वजह से इमारत पर गिरा और क्या प्लांट में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।
जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसे के लिए कौन से कारण जिम्मेदार रहे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मोशी में हुए इस हादसे के बाद वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कचरे के बड़े ढेरों के प्रबंधन और संरचनाओं की मजबूती की नियमित जांच जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय किए जाएं।
फंसे लोगों के परिजनों में चिंता
हादसे के बाद मलबे में फंसे लोगों के परिवारों में चिंता का माहौल है। परिजन लगातार घटनास्थल से अपडेट ले रहे हैं और अपने प्रियजनों के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद कर रहे हैं।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि बचाव अभियान पूरी गंभीरता के साथ जारी है और फंसे हुए सभी लोगों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मोशी वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है। आने वाले कुछ घंटे बचाव कार्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।