ब्रॉड पीक हिमस्खलन में निर्मल पुर्जा की मौत से पर्वतारोहण जगत में शोक

Update: 2026-08-02 04:54 GMT

मुंबई। दुनिया के पर्वतारोहण समुदाय के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित काराकोरम रेंज की प्रसिद्ध ब्रॉड पीक पर आए भीषण हिमस्खलन में जाने-माने नेपाली पर्वतारोही निर्मल “निम्सदाई” पुर्जा और अन्य पर्वतारोहियों की मौत से पर्वतारोहण जगत में शोक की लहर है। महाराष्ट्र की प्रमुख पर्वतारोहण संस्था अखिल महाराष्ट्र गिर्यारोहण महासंघ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है।

अखिल महाराष्ट्र गिर्यारोहण महासंघ के अध्यक्ष उमेश जिरपे ने कहा कि काराकोरम हिमालय की 8,000 मीटर से अधिक ऊंची ब्रॉड पीक पर हुए इस बड़े हिमस्खलन ने दुनियाभर के पर्वतारोहण समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। उन्होंने कहा कि निर्मल पुर्जा एक असाधारण पर्वतारोही थे, जिन्होंने अपने साहस, दृढ़ संकल्प और उपलब्धियों से दुनिया में नेपाल और पर्वतारोहण क्षेत्र का नाम रोशन किया।

उमेश जिरपे ने हादसे पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ब्रॉड पीक पर हुआ हिमस्खलन बेहद भयावह था। उन्होंने कहा कि ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में अभियान चलाना हमेशा जोखिम भरा होता है और पर्वतारोही हर कदम पर प्रकृति की चुनौतियों का सामना करते हैं। इस दुर्घटना ने एक बार फिर पर्वतारोहण की कठिन परिस्थितियों और उससे जुड़े खतरों को सामने ला दिया है।

निर्मल पुर्जा को दुनिया के सबसे प्रसिद्ध आधुनिक पर्वतारोहियों में गिना जाता था। उन्होंने पर्वतारोहण की दुनिया में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की थीं। वे अपनी तेज गति, कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता और चुनौतीपूर्ण अभियानों के लिए जाने जाते थे। उनकी उपलब्धियों ने युवा पर्वतारोहियों को प्रेरित किया और उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।

ब्रॉड पीक काराकोरम पर्वतमाला की प्रमुख चोटियों में से एक है और इसे दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में शामिल किया जाता है। 8,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इन चोटियों पर चढ़ाई करना बेहद कठिन माना जाता है। यहां मौसम अचानक बदल सकता है और हिमस्खलन जैसी घटनाएं पर्वतारोहियों के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक होती हैं।

अखिल महाराष्ट्र गिर्यारोहण महासंघ ने कहा कि पर्वतारोहण समुदाय ने एक प्रतिभाशाली और साहसी पर्वतारोही को खो दिया है। संस्था ने निर्मल पुर्जा सहित सभी मृत पर्वतारोहियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनके साहस तथा योगदान को याद किया।

पर्वतारोहण विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभियान के दौरान सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलू होता है। आधुनिक उपकरणों और बेहतर तकनीक के बावजूद हिमालय और काराकोरम जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। हिमस्खलन, बर्फीले तूफान और अचानक बदलता मौसम पर्वतारोहियों के लिए बड़ी चुनौती पैदा करते हैं।

निर्मल पुर्जा का नाम दुनिया के उन चुनिंदा पर्वतारोहियों में शामिल था जिन्होंने असाधारण गति से ऊंची चोटियों को फतह किया। उन्होंने अपने अभियानों के जरिए पर्वतारोहण की सीमाओं को चुनौती दी और दुनिया भर के युवाओं को प्रेरित किया। उनके निधन को पर्वतारोहण क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

महाराष्ट्र के पर्वतारोहण समुदाय में भी इस घटना को लेकर गहरा दुख है। राज्य के कई पर्वतारोही संगठनों और अभियानों से जुड़े लोगों ने निर्मल पुर्जा के योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी है। उनका मानना है कि पुर्जा जैसे पर्वतारोही आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

ब्रॉड पीक हादसे के बाद पर्वतारोहण अभियानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले दलों को मौसम की जानकारी, जोखिम का आकलन और आपातकालीन तैयारियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

हालांकि, पर्वतारोहण से जुड़े लोग यह भी मानते हैं कि जोखिम के बावजूद दुनिया भर के पर्वतारोही प्रकृति को समझने, नई ऊंचाइयों तक पहुंचने और मानव क्षमता की सीमाओं को तलाशने के जुनून के साथ आगे बढ़ते हैं। निर्मल पुर्जा का जीवन और उनका साहस इसी जुनून का उदाहरण रहा है।

फिलहाल ब्रॉड पीक हिमस्खलन में जान गंवाने वाले सभी पर्वतारोहियों के लिए श्रद्धांजलि का दौर जारी है। पर्वतारोहण जगत निर्मल पुर्जा को एक ऐसे साहसी व्यक्ति के रूप में याद कर रहा है, जिन्होंने अपने अद्भुत साहस और उपलब्धियों से इस क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी।

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