Mumbai के दहिसर में खदान में डूबने से दो किशोरों की मौत

Update: 2026-07-11 12:31 GMT

मुंबई : मुंबई के दहिसर पूर्व इलाके में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खदान में डूबने से दो किशोर लड़कों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) की टीम ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन दोनों किशोरों को बचाया नहीं जा सका।

यह हादसा दहिसर पूर्व के केतकीपाड़ा स्थित शेख खदान में हुआ, जो संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) के अधिकार क्षेत्र में आता है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर राहत और बचाव दल पहुंचा।

चार किशोर गए थे खदान के पास

जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 10 बजकर 26 मिनट पर चार किशोर लड़के शेख खदान इलाके में पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लड़के खदान में जमा पानी में चले गए।

बताया जा रहा है कि पानी की गहराई अधिक होने के कारण दो किशोर उसमें डूब गए। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को दी।

पुलिस और फायर ब्रिगेड ने चलाया अभियान

सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस और मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। बचाव दल ने खदान में तलाशी अभियान शुरू किया।

काफी मशक्कत के बाद दोनों किशोरों के शव बरामद किए गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने शवों को बाहर निकालकर आगे की प्रक्रिया शुरू की।

दोनों पीड़ितों को इलाज के लिए बीडीबीए शताब्दी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हादसे से इलाके में शोक

घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के मौसम में कई जगहों पर खदानों और गड्ढों में पानी भर जाता है, जो बच्चों और युवाओं के लिए खतरा बन सकता है।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से ऐसे स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

खतरनाक हो जाती हैं खुली खदानें

मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून के दौरान कई पुराने खदान क्षेत्र पानी से भर जाते हैं। देखने में ये स्थान आकर्षक लग सकते हैं, लेकिन इनमें गहराई और फिसलन के कारण हादसे का खतरा बना रहता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे जलाशयों में उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है, क्योंकि कई बार पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खुले खदान क्षेत्रों, गहरे पानी वाले स्थानों और प्रतिबंधित इलाकों में जाने से बचें।

बारिश के मौसम में जलभराव वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। खासकर बच्चों और किशोरों को ऐसे स्थानों से दूर रखने की सलाह दी जाती है।

जांच शुरू

पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है और यह भी जांच की जा रही है कि किशोर खदान क्षेत्र में किस परिस्थिति में पहुंचे थे।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों किशोरों के परिवारों को घटना की सूचना दे दी गई है।

यह घटना एक बार फिर मानसून के दौरान खुले जल स्रोतों और खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों की सतर्कता से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

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