थौबल में युवक की हत्या के बाद सरकार का आदेश, जमा करने होंगे लाइसेंसी हथियार
इंफाल: मणिपुर सरकार ने संगैयुमफम और खंगाबोक गांवों के निवासियों को 24 अक्टूबर तक अपने लाइसेंसी हथियार थौबल पुलिस स्टेशन में जमा करने का आदेश दिया है। जिला मजिस्ट्रेट ने यह आदेश जारी करते हुए कहा है कि जब तक प्रतिबंधात्मक आदेश वापस नहीं ले लिया जाता, तब तक ये हथियार पुलिस की कस्टडी में रहेंगे।
यह निर्देश 18 अक्टूबर को एक स्थानीय संगीत कार्यक्रम के दौरान खंगाबोक पार्ट-II के निवासी लैशराम राकेश की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना के बाद आया है। सुरक्षा बलों ने इस हत्या के सिलसिले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। संगैयुमफम और चेरापुर में शुरुआती छापेमारी के दौरान, सुरक्षा कर्मियों ने 19 वर्षीय मो. खुर्शीद अहमद और 45 वर्षीय मो. अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया और उनके पास से एक डबल-बैरल शॉटगन बरामद की।
इसके बाद एक अन्य कार्रवाई में, थौबल पुलिस ने 38 वर्षीय अरिबम शेरखान को गिरफ्तार किया और एक और डबल-बैरल शॉटगन तथा 12-गेज के 14 कारतूस जब्त किए।
इस बीच, जॉइंट एक्शन कमिटी (JAC) द्वारा बुलाई गई 48 घंटे की आम हड़ताल के कारण 23 अक्टूबर को पूरे थौबल जिले में जनजीवन प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे 102 के कुछ हिस्सों को जाम कर दिया, जिसमें अथोकपम अरोन्ग थोंग, खंगाबोक बाजार और वांगबल शामिल हैं।
शैक्षिक संस्थान बंद रहे, सार्वजनिक परिवहन सेवाएं ठप रहीं और थौबल, याइरिपोक तथा वांगजिंग के बाजारों पर भी असर पड़ा। JAC के प्रतिनिधि अबुंग खुमन ने लोगों से हड़ताल का समर्थन करने की अपील की और कहा कि हत्या के मामले में बचे हुए सभी संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद ही हड़ताल वापस ली जाएगी।