इम्फाल: राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश और मणिपुर का नाम रोशन करने वाले भारोत्तोलक चानंबम ऋषिकांत और सोरोक्हाइबम बिंद्यारानी देवी का सोमवार को मणिपुर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। दोनों पदक विजेताओं के इम्फाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचते ही समर्थकों, खेल अधिकारियों, परिजनों और शुभचिंतकों ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया।

ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में ऋषिकांत ने पुरुषों के 60 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में रजत पदक, जबकि बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं के 58 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि के बाद मणिपुर में जश्न का माहौल है।
इम्फाल एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
पदक जीतकर स्वदेश लौटे दोनों खिलाड़ियों के स्वागत के लिए इम्फाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। युवा मामले एवं खेल निदेशालय के अधिकारी, ऑल मणिपुर वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के सदस्य, परिवार के लोग और समर्थक खिलाड़ियों के स्वागत के लिए मौजूद थे।
दोनों खिलाड़ियों को फूलों की माला पहनाई गई और उनकी उपलब्धि पर बधाई दी गई। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उनके शानदार प्रदर्शन की सराहना की।
ऋषिकांत ने जीता सिल्वर मेडल
चानंबम ऋषिकांत ने राष्ट्रमंडल खेलों के पुरुषों के 60 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि पर मणिपुर पुलिस ने भी उन्हें बधाई दी थी और उनके प्रदर्शन को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
ऋषिकांत ने अपने प्रदर्शन को लेकर कहा कि उनका लक्ष्य प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतना था। हालांकि वह गोल्ड हासिल नहीं कर सके, लेकिन रजत पदक जीतना उनके लिए बेहद खास उपलब्धि है। उन्होंने इसे अपने लिए सपने के सच होने जैसा बताया और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए और कड़ी मेहनत करने का संकल्प जताया।
बिंद्यारानी ने कांस्य पदक से बढ़ाया मान
सोरोक्हाइबम बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं के 58 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। उनकी सफलता ने मणिपुर की महिला खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत मौजूदगी को एक बार फिर सामने रखा है।
अपने स्वागत के दौरान बिंद्यारानी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, कोच और समर्थकों को दिया। उन्होंने कहा कि लगातार सहयोग और प्रोत्साहन मिलने से महिला खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
उन्होंने महिला खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार समर्थन दिए जाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
मणिपुर के खिलाड़ियों का दबदबा
राष्ट्रमंडल खेलों में मणिपुर के खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। भारोत्तोलन में ऋषिकांत और बिंद्यारानी की सफलता ने राज्य के खेल जगत में नई उम्मीद पैदा की है।
मणिपुर के युवा मामले एवं खेल विभाग के सचिव एवं आयुक्त नाओरेम प्रवीण सिंह ने दोनों पदक विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह दिखाता है कि दृढ़ संकल्प और लगातार मेहनत के जरिए चुनौतियों को पार किया जा सकता है।
महिला खिलाड़ियों की सफलता पर खास जोर
मणिपुर के खेल अधिकारियों ने राष्ट्रमंडल खेलों में राज्य की महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी रेखांकित किया। अधिकारियों के मुताबिक राज्य की महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और खेलों में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।
बिंद्यारानी की कांस्य पदक जीत को इसी उपलब्धि की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
आगे एशियाई खेलों पर नजर
मणिपुर के खेल विभाग के अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि भारोत्तोलक सैखोम मीराबाई चानू और एम जदुमानी सिंह को आगामी एशियाई खेलों में हिस्सा लेने के लिए पुष्टि मिल चुकी है। ऐसे में मणिपुर के खेल प्रेमियों की नजर अब आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर भी बनी हुई है।
राज्य के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मणिपुर लंबे समय से भारतीय भारोत्तोलन को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी देता रहा है।
खिलाड़ियों की उपलब्धि से युवाओं को प्रेरणा
ऋषिकांत और बिंद्यारानी की सफलता का असर सिर्फ पदक तक सीमित नहीं है। दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
खासकर ऐसे समय में जब मणिपुर में खेलों को युवाओं के लिए अवसर और सकारात्मक पहचान के माध्यम के तौर पर देखा जाता है, अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतने वाली इन उपलब्धियों से नई पीढ़ी को खेलों में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिल सकता है।
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