मणिपुर सरकार ने दोहराई स्थायी NIT कैंपस की प्रतिबद्धता
स्थायी NIT कैंपस को लेकर मणिपुर सरकार का बड़ा बयान
इंफाल : मणिपुर सरकार ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) मणिपुर के स्थायी कैंपस के निर्माण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। राज्य सरकार के प्रवक्ता और विधायक थोकचोम राधेश्याम ने कहा कि सरकार संस्थान के लिए उपयुक्त और व्यवहारिक जमीन की पहचान करने की दिशा में जरूरी प्रयास कर रही है।
मौजूदा जमीन निर्माण के लिए अनुपयुक्त
सरकार के मुताबिक NIT मणिपुर फिलहाल लैम्पेलपाट में संचालित हो रहा है। स्थायी कैंपस के लिए राज्य सरकार ने पहले करीब 300 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई थी, लेकिन बाद में जांच में यह क्षेत्र काफी दलदली और बड़े निर्माण के लिए अनुपयुक्त पाया गया।
मिट्टी की जांच और विशेषज्ञों से परामर्श के दौरान वहां बड़े पैमाने पर पाइलिंग और विशेष फाउंडेशन की जरूरत सामने आई। इससे परियोजना की लागत भी काफी बढ़ने की आशंका थी।
नए स्थल की तलाश जारी
सरकार का कहना है कि मौजूदा स्थान पर तकनीकी कठिनाइयों के कारण केंद्र सरकार की ओर से भी किसी वैकल्पिक और उपयुक्त स्थान पर कैंपस स्थानांतरित करने की जरूरत बताई गई। मुख्यमंत्री ने NIT मणिपुर के अधिकारियों को भरोसा दिलाया है कि स्थायी कैंपस के लिए जल्द उपयुक्त जमीन की पहचान कर उसे आवंटित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का भरोसा
सरकार ने NIT मणिपुर को राज्य के लिए महत्वपूर्ण संस्थान बताते हुए कहा कि स्थायी कैंपस में देरी के कारण छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने और कैंपस के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की बात कही है। NIT मणिपुर को भारत सरकार ने 2010 में स्वीकृत किए गए नए NITs में शामिल किया था और स्थायी कैंपस की निर्माण प्रक्रिया 2012 में शुरू हुई थी।