इंफाल: मणिपुर सरकार ने निंगोल चक्कौबा से पहले त्योहारी खरीदारी की भीड़ के दौरान व्यापारियों को उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूलने से रोकने के लिए घाटी के पांच जिलों में 18 आवश्यक खाद्य वस्तुओं पर अधिकतम खुदरा मूल्य सीमा लगा दी है।
प्रमुख निंगोल चक्कौबा उत्सव 11 नवंबर को मनाया जाएगा। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आदेश जारी किया, जिसमें व्यापारियों को तत्काल प्रभाव से संशोधित मूल्य सीमा का पालन करने का निर्देश दिया गया।
प्रतिबंध इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों पर लागू होते हैं। सरकार ने मूल्य नियमों को चुराचांदपुर और फेरज़ॉल जिलों तक भी बढ़ा दिया है, जहां बेसलाइन खुदरा दरों पर 4 रुपये के मामूली अतिरिक्त शुल्क की अनुमति दी गई है।
इस बीच, लीगल मेट्रोलॉजी विभाग ने त्योहारी सीजन के दौरान वजन, माप और पैक की गई वस्तुओं का निरीक्षण करने के लिए एक राज्यव्यापी प्रवर्तन अभियान शुरू किया है।
नियंत्रक वाई. नेल्सन सिंह के निर्देशन में, निरीक्षण टीमें वजन मानकों में हेरफेर को रोकने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को गलत माप से बचाने के लिए वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की जांच कर रही हैं।
सरकार का आदेश कई आवश्यक खाद्य पदार्थों के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य निर्धारित करता है। प्रीमियम मटर दाल की कीमत 76 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है, जबकि स्थानीय आलू 30 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक पर नहीं बेचा जा सकता है। प्याज और विभिन्न किस्मों की मसूर और अरहर दाल की अधिकतम खुदरा कीमतें भी तय कर दी गई हैं।
प्याज की कीमत 53 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है, जबकि मसूर और अरहर दाल की विभिन्न किस्मों की कीमत 90 रुपये से लेकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक तय की गई है।
आदेश में आटा और रिफाइंड मैदा समेत अनाज आधारित उत्पादों की अधिकतम कीमत 50 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है। चावल की विशिष्ट क्षेत्रीय किस्में और थोक में पैक किए गए खाना पकाने के तेल भी मूल्य-नियंत्रण उपायों के अंतर्गत आते हैं।
नियामक उपायों के हिस्से के रूप में, सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को अपने परिसरों में सरकार द्वारा अनुमोदित मूल्य चार्ट प्रमुखता से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि निर्धारित दरें अधिकतम अनुमेय खुदरा कीमतों का प्रतिनिधित्व करती हैं। हालाँकि, थोक बाज़ार की उपलब्धता में बदलाव के आधार पर सीमा को समय-समय पर संशोधित किया जा सकता है।
उपायों का उद्देश्य अनुचित मूल्य निर्धारण प्रथाओं को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ता व्यस्त निंगोल चक्कौबा खरीदारी अवधि के दौरान विनियमित दरों पर आवश्यक वस्तुएं खरीद सकें।