शिलांग: नॉर्थ-ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी (NEHU) की रैंकिंग 2016 में भारतीय विश्वविद्यालयों में 15वीं थी, जो 2025 में गिरकर 151-200 के दायरे में आ गई है। इस गिरावट के कारण छात्र संगठनों ने मज़बूत नेतृत्व की मांग की है। उन्होंने सोमवार को गवर्नर सी.एच. विजयशंकर से एक ऐसे रेगुलर वाइस-चांसलर (कुलपति) को नियुक्त करने का आग्रह किया जो इस गिरावट को रोक सके और संस्थान की एकेडमिक प्रतिष्ठा को फिर से बहाल कर सके।
NEHUSU और KSU NEHU यूनिट ने राजभवन में गवर्नर को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें ऐसे वाइस-चांसलर की मांग की गई है जिसके पास स्पष्ट विज़न और साबित हो चुकी प्रशासनिक क्षमता हो, और जिसे यूनिवर्सिटी व पूर्वोत्तर क्षेत्र की गहरी समझ हो।
NEHUSU के अध्यक्ष मेलमलिंटी मार्कहाप ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, "हमें एक ऐसा वाइस-चांसलर चाहिए जिसके पास यूनिवर्सिटी की पुरानी शान और रुतबे को वापस लाने का विज़न हो। हम चाहते हैं कि NEHU तरक्की करे और अपनी रैंकिंग में सुधार करे।"
ज्ञापन में नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में यूनिवर्सिटी के गिरते प्रदर्शन को एक गंभीर संस्थागत चिंता बताया गया है। इसमें कहा गया है कि इस गिरावट पर आत्म-मंथन और सुधारात्मक कार्रवाई की ज़रूरत है।
2016 में 15वीं रैंक हासिल करने के बाद, NEHU 2023 में 80वें स्थान पर, 2024 में 101-150 के दायरे में और 2025 में 151-200 के दायरे में खिसक गया।
छात्र संगठनों ने इस गिरावट के लिए लगातार बदलते प्रशासनों के दौरान गवर्नेंस, एकेडमिक प्रशासन, नियुक्तियों, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर की कमी से जुड़ी समस्याओं को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने प्रशासनिक कामकाज, नियुक्तियों, छात्रों के प्रतिनिधित्व और बुनियादी सुविधाओं को लेकर नवंबर 2024 में हुई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को भी याद किया।
ज्ञापन में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत एकेडमिक सुधारों (जैसे चार साल का अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम और इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम) को लागू करने की NEHU की तैयारी पर भी सवाल उठाए गए, खासकर टीचिंग स्टाफ, क्लासरूम और एकेडमिक संसाधनों की कमी को देखते हुए।
मार्कहाप ने कहा कि अगले वाइस-चांसलर में इन लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को हल करने और यूनिवर्सिटी को स्थिर व उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व देने की क्षमता होनी चाहिए। छात्र संगठनों ने यह भी मांग की कि ज़रूरी योग्यता, ईमानदारी और प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ, ऐसे उम्मीदवारों पर भी ठीक से विचार किया जाए जो NEHU के एकेडमिक माहौल, संस्थान के इतिहास और नॉर्थ-ईस्ट के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश से परिचित हों।
उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि अगले रेगुलर वाइस-चांसलर को चुनने के लिए एक सिलेक्शन कमिटी बनाई गई है। हालांकि, उनकी चिंताओं पर गवर्नर के सकारात्मक रुख के बावजूद, उन्हें नियुक्ति के लिए अभी तक कोई निश्चित समय-सीमा नहीं मिली है।
प्रोफ़ेसर सरोज कांता बारिक ने 27 जुलाई को अंतरिम वाइस-चांसलर का पद संभाला; यह प्रोफ़ेसर प्रभा शंकर शुक्ला का कार्यकाल खत्म होने के एक दिन बाद हुआ।
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