भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में चक्रवात अर्नब के मजबूत होने की आशंका के बीच ओडिशा सरकार ने आपदा से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के संवेदनशील जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं। संभावित भारी बारिश, तेज हवाओं और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए 225 अग्निशमन एवं बचाव टीमें हाई अलर्ट पर रखी गई हैं। इसके अलावा ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें भी तैयार की गई हैं।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात का असर 27 से 29 अक्टूबर के बीच ओडिशा के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से दक्षिणी जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
पांच जिलों में रेड अलर्ट, भारी बारिश की चेतावनी
IMD ने ओडिशा के पांच जिलों—गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी—में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, अचानक बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा पैदा हो सकता है।इसके अलावा कालाहांडी, कंधमाल, नबरंगपुर, नुआपाड़ा, बलांगीर, बरगढ़, पुरी, खुर्दा, नयागढ़ और सुंदरगढ़ सहित कई जिलों को ऑरेंज अलर्ट के दायरे में रखा गया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए संबंधित जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
225 दमकल टीमें और आपदा बल तैयार
चक्रवात से संभावित नुकसान को कम करने के लिए ओडिशा सरकार ने बचाव व्यवस्था मजबूत की है। राज्य में 225 दमकल एवं बचाव सेवा टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इनके साथ लगभग 60 ODRAF टीमें और 17 NDRF टीमें भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।बचाव दलों के पास पेड़ काटने वाली मशीनें, रोशनी की व्यवस्था और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि तेज हवाओं से पेड़ गिरने या सड़कें अवरुद्ध होने की स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
28 और 29 अक्टूबर को स्कूल-कॉलेज बंद
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया है।अन्य जिलों में शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्णय स्थानीय मौसम और परिस्थितियों के आधार पर जिला प्रशासन ले सकता है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों और असुरक्षित मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।प्रशासन ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों की सुरक्षा पर ध्यान देने को कहा है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को पहले ही स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया जाएगा।
आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ सकता है चक्रवात
IMD के अनुसार, चक्रवात अर्नब के 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की संभावना है। पूर्वानुमान में बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराने की आशंका जताई गई है। हालांकि, चक्रवात का वास्तविक रास्ता और तीव्रता मौसम की बदलती परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति खराब रहने की चेतावनी दी गई है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। बंदरगाहों पर भी सावधानी संकेत जारी किए गए हैं।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
प्रशासन ने किसानों को पकी हुई फसलों की कटाई और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है। तेज बारिश और हवाओं के कारण फसलों, बिजली के खंभों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की आशंका है।राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को बिजली आपूर्ति, सड़क संपर्क और जरूरी सेवाओं को बहाल करने के लिए तैयार रहने को कहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन तथा प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।