सीशोर चिट फंड केस के बीच BJD के पूर्व विधायक प्रवत रंजन बिस्वाल BJP में शामिल

Update: 2026-07-12 12:07 GMT

भुवनेश्वर : ओडिशा की राजनीति में रविवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब बीजू जनता दल (BJD) के पूर्व विधायक प्रवत रंजन बिस्वाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। यह कदम ऐसे समय में आया है, जब करोड़ों रुपये के चर्चित सीशोर चिट फंड घोटाला मामले में उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे की सुनवाई अभी लंबित है।

प्रवत रंजन बिस्वाल ने अपने हजारों समर्थकों के साथ BJP की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान ओडिशा BJP के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बिस्वाल के BJP में शामिल होने के मौके पर बड़ी संख्या में समर्थक जुटे और भुवनेश्वर में शक्ति प्रदर्शन भी किया गया।

जानकारी के अनुसार, बिस्वाल का BJP में शामिल होने का कार्यक्रम मास्टर कैंटीन से शुरू हुआ, जहां से समर्थकों के साथ एक बड़ा जुलूस निकाला गया। यह जुलूस भुवनेश्वर के यूनिट-III स्थित BJP मुख्यालय तक पहुंचा, जहां पार्टी नेताओं की मौजूदगी में उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।

प्रवत रंजन बिस्वाल पहले BJD से जुड़े रहे हैं और विधानसभा सदस्य भी रह चुके हैं। उनके BJP में शामिल होने को ओडिशा की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उनके खिलाफ चल रहे सीशोर चिट फंड मामले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।

सीशोर चिट फंड घोटाला ओडिशा के सबसे चर्चित वित्तीय घोटालों में से एक है। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। आरोप है कि सीशोर ग्रुप ने बड़ी संख्या में निवेशकों से पैसे जुटाए और बाद में निवेशकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

मामले में कई लोगों से पूछताछ की गई है और कई आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हुई है। प्रवत रंजन बिस्वाल के खिलाफ भी इस मामले में आपराधिक कार्यवाही जारी है।

हाल ही में ओडिशा हाई कोर्ट ने सीशोर चिट फंड मामले में उनके खिलाफ दर्ज केस को रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। बिस्वाल ने CBI जांच और ट्रायल पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार नहीं की।

2 जुलाई को हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पेशल CBI कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह इस मामले का निपटारा छह महीने के भीतर करने का प्रयास करे, ताकि लंबे समय से लंबित इस केस में जल्द फैसला आ सके।

इसके बाद अब बिस्वाल का BJP में शामिल होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर BJP पर सवाल उठा सकते हैं, जबकि BJP नेताओं का कहना है कि पार्टी में शामिल होने का फैसला राजनीतिक और संगठनात्मक विस्तार का हिस्सा है।

BJP नेतृत्व की ओर से बिस्वाल के पार्टी में आने को लेकर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने उनका स्वागत किया। पार्टी का कहना है कि नए नेताओं के जुड़ने से संगठन को मजबूती मिलेगी।

वहीं, बिस्वाल ने BJP में शामिल होने के बाद पार्टी की नीतियों और नेतृत्व में विश्वास जताया। उन्होंने अपने समर्थकों से पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करने की अपील की।

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, ओडिशा में BJP पिछले कुछ वर्षों में तेजी से अपना आधार मजबूत कर रही है। ऐसे में क्षेत्रीय नेताओं को अपने साथ जोड़ना पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

फिलहाल प्रवत रंजन बिस्वाल के BJP में शामिल होने के साथ ही सीशोर चिट फंड मामले में कानूनी प्रक्रिया भी जारी रहेगी। अब नजर इस बात पर होगी कि आने वाले समय में अदालत में इस मामले की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है और इसका राजनीतिक प्रभाव क्या पड़ता है।

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