पूर्व DFO संग्राम केसरी बेहरा ने किया सरेंडर, कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की

Update: 2026-07-27 18:45 GMT
Odisha ओडिशा। असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) सौम्यरंजन मोहापात्र मौत मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। गजपति जिले के पूर्व डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) संग्राम केसरी बेहरा ने अदालत के आदेश के बाद आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पहले कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील राजेश कुमार ने कहा कि यह मामला वर्ष 2021 में हुए ACF सौम्यरंजन मोहापात्र की मौत से जुड़ा है, जिसने उस समय पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी। उन्होंने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी और कई महत्वपूर्ण तथ्यों को सामने लाने का प्रयास किया गया।
सरकारी वकील के अनुसार, सौम्यरंजन मोहापात्र की मौत का मामला काफी संवेदनशील था और इसकी जांच के दौरान कई पहलुओं की पड़ताल की गई। उन्होंने कहा कि अदालत में पेश किए गए तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर पूर्व DFO की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया। जमानत याचिका खारिज होने के बाद संग्राम केसरी बेहरा ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया। अब उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई का सामना करना होगा।
बता दें कि वर्ष 2021 में ACF सौम्यरंजन मोहापात्र की मौत का मामला सामने आया था। उनकी मौत के बाद यह मामला पूरे ओडिशा में चर्चा का विषय बन गया था। मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों ने कई लोगों से पूछताछ की थी और घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की थी। इस मामले में पहले भी कई कानूनी प्रक्रियाएं सामने आ चुकी हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी थीं कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और इसमें किन लोगों की भूमिका थी। पूर्व DFO के अदालत में सरेंडर करने के बाद अब मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। कोर्ट के फैसले और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
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