ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र
भुवनेश्वर। ओडिशा में एक बार फिर मॉनसून की गतिविधियां तेज होने वाली हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तरी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए तीन जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी की है। लोगों को खराब मौसम और भारी बारिश के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आईएमडी के रविवार सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से सुबह करीब 5:30 बजे कम दबाव का क्षेत्र बना। यह मौसम प्रणाली उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तरी ओडिशा तट के आसपास केंद्रित है।
मौसम विभाग के मुताबिक इस सिस्टम के अगले कुछ घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही अगले 24 घंटों में इसके और अधिक मजबूत होने के आसार हैं। कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
आईएमडी ने कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसी को देखते हुए तीन जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी की गई है। ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि संबंधित क्षेत्रों में मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है और लोगों को तैयार रहने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन भी मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर स्थिति पर नजर बनाए रख सकता है।
तटीय ओडिशा के साथ राज्य के अंदरूनी इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसम प्रणालियां अक्सर ओडिशा में मॉनसूनी बारिश को तेज करती हैं। कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होने की स्थिति में बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ सकते हैं।
भारी बारिश की संभावना को देखते हुए निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। शहरों में तेज बारिश के दौरान सड़कों और अंडरपास में पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कच्ची सड़कों और निचले स्थानों पर पानी भर सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बनने पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी। विशेष रूप से खुले मैदानों, खेतों और जलाशयों के आसपास मौजूद लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर चले जाना चाहिए। बिजली चमकने या गरज सुनाई देने पर पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचना चाहिए।
ओडिशा में अगस्त का महीना मॉनसून के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र बनने से राज्य में बारिश की गतिविधियों में अचानक तेजी आ सकती है। कई बार ऐसी मौसम प्रणालियां तटीय जिलों से आगे बढ़ते हुए पश्चिमी और आंतरिक ओडिशा तक व्यापक बारिश कराती हैं। मौजूदा सिस्टम के भी उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान है।
किसानों के लिए भी यह बारिश महत्वपूर्ण हो सकती है। खरीफ सीजन में धान सहित विभिन्न फसलों के लिए पर्याप्त वर्षा जरूरी होती है। हालांकि कम समय में बहुत अधिक बारिश होने से खेतों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और कृषि विभाग की सलाह के आधार पर खेती से जुड़े कार्य करने की जरूरत होगी।
तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। समुद्र की स्थिति खराब होने पर मछुआरों के लिए भी खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से समुद्र में जाने को लेकर जारी होने वाली सलाह का पालन करना जरूरी होगा।
कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद ओडिशा के मौसम में बदलाव रविवार से ही दिखाई देने की संभावना है। कई इलाकों में आसमान में घने बादल छाए रह सकते हैं और रुक-रुककर बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता ज्यादा रहने का अनुमान है। भारी से बहुत भारी बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जनजीवन प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
भारी बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में नदियों और नालों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो सकती है। लगातार बारिश होने की स्थिति में प्रशासन को जल निकासी और निचले इलाकों की निगरानी बढ़ानी पड़ सकती है। लोगों को उफनते नालों या पानी से भरी सड़कों को पार करने से बचने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग इस सिस्टम की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि इसी दौरान कम दबाव के क्षेत्र के और मजबूत होने की संभावना जताई गई है। सिस्टम की दिशा और तीव्रता के आधार पर आगे बारिश से संबंधित चेतावनियों में बदलाव किया जा सकता है।
फिलहाल ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश के आसार को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तीन जिलों के लिए जारी ऑरेंज चेतावनी के कारण इन क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह है। लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की नवीनतम चेतावनियों पर नजर रखने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।